नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजधानी में विभागीय परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसे संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने विश्वास के साथ कहा कि पूर्व में मौजूद आयुध फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के निगमीकरण के बाद गठित किए गए नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (डीपीएसयू) रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बैठक में समिति के कुछ सदस्यों ने डीपीएसयू में मानव संसाधन से जुड़े हुए मुद्दों पर जाहिर की गई चिंताओं और सुझावों पर राजनाथ सिंह ने आश्वासन के साथ कहा कि निगमीकरण से उत्पन्न हुए तमाम मुद्दों को सभी हितधारकों से जरूरी परामर्श के साथ उचित रूप से संबोधित किया जा रहा है। सुझावों की सराहना करते हुए उन्होंने क्रियान्वयन के लिए इनकी जांच करने की बात भी कही। बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बिक्री और लाभ में कम समय में हुई प्रगति
मंत्रालय के मुताबिक, इस बैठक में निगमीकरण के बाद डीपीएसयू की भूमिका और कार्यों पर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों को वित्तीय आंकड़ों, आधुनिकीकरण, पूंजीगत व्यय, निर्यात, विकसित किए गए नए उत्पादों और वर्तमान में जारी अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। राजनाथ ने इस तथ्य की सराहना की कि निगमीकरण के बाद नए डीपीएसयू ने उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार किया है। बहुत कम समय में इनकी बिक्री और लाभ में अच्छी प्रगति हुई है।

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