प्रभारी मंत्री कुशवाह ने किया औचक निरीक्षण
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन को निलंबित करने के दिए निर्देश
भोपाल
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांजन कल्याण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने निवाड़ी जिले में जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्य में लापरवाही पाये जाने पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग निवाड़ी को निलंबित करने के निर्देश दिये हैं।
प्रभारी मंत्री कुशवाह से निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा जल संसाधन विभाग के कार्यों में लापरवाही की शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उन्होंने जनपद पंचायत पृथ्वीपुर की ग्राम पंचायत लुहरगुवां स्थित नहर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
प्रभारी मंत्री कुशवाह ने निरीक्षण में कार्यपालन यंत्री हेमन्त गुप्ता द्वारा बैठक में बताये अनुसार कार्य नहीं पाये जाने पर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े को निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ई.ई. जल संसाधन के समस्त कार्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। कलेक्टर श्रीमती भिड़े द्वारा कार्यपालन यंत्री का निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त सागर संभाग को भेज दिया गया है।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240