नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट हो या हाईकोर्ट, आमतौर पर अदालतों में मोबाइल फोन ले जाना अच्छा नहीं माना जाता है। इसको लेकर नियम भी बने हुए हैं। हालांकि, बीते देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत अपना मोबाइल लेकर सुप्रीम कोर्ट स्थित अपने कोर्ट रूम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा किया है। इसके पीछे कारण का खुलासा करते हुए सीजेआई ने कहा कि उन्होंने एसआईआर को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का संदेश देखना था, इसलिए मोबाइल फोन लेकर कोर्ट रूम आना पड़ा।
कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल के मैसेज को पढ़ते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने मुस्कुराते हुए कहा, "दरअसल, मुझे अभी याद आया कि यह पहली बार है जब मैं अदालत में मोबाइल फोन लाया हूं। मैंने अपने जीवन में पहले कभी ऐसा नहीं किया।" इतना सुनते ही वहां मौजूद वकील भी मुस्कुरा दिए।
बंगाल एसआईआर पर क्या बोला SC?
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court News) ने सोमवार को कहा कि चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर किये गए करीब 60 लाख लोगों के दावों और आपत्तियों का आज ही निस्तारण किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। शीर्ष अदालत ने एक महिला न्यायिक अधिकारी का अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करने वाला वीडियो देखने के बाद कहा कि ''हाल के दिनों में जिस तरह की घटनाएं हुई हैं, उन्हें देखते हुए पश्चिम बंगाल से केंद्रीय बलों को वापस नहीं बुलाया जाएगा।''
कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न्यायिक अधिकारियों को मिली कथित धमकियों और उनके कामकाज में बाधा डाले जाने पर चिंता व्यक्त की तथा कहा कि यदि सरकारी तंत्र सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो वह उपयुक्त उपायों पर विचार करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा, ''यदि सरकारी तंत्र विफल होता है, तो हम सोचेंगे कि क्या किया जा सकता है।''
प्रधान न्यायाधीश ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इन अधिकरणों के लिए समान प्रक्रियाएं तैयार करने के वास्ते पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति गठित करने को कहा। पीठ ने कहा कि इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिन्होंने एक अपीलीय अधिकरण की अध्यक्षता करने के लिए सहमति दी है।

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