भोपाल
भोपाल में तीन नाबालिग हिंदू किशोरियों के मतांतरण का मामला सामने आने के बाद फिर से राजधानी में मुस्लिम युवाओं के संगठित नेटवर्क का जिहादी चेहरा उजागर हुआ है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग हिंदू युवतियों को झांसे में लेने के लिए हर स्तर पर अपराध करते हैं।
पिछले दिनों स्पा और ब्यूटी पार्लर में भी इस नेटवर्क की करतूत उजागर हो चुकी है। इनमें नौकरी के बहाने हिंदू युवतियों से लव जिहाद को दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मतांतरण के माध्यम से सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। दो मुस्लिम बहनें इस नेटवर्क की अहम किरदार थीं।
कुछ पीड़िताओं की शिकायत पर जब दोनों बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उनका नेटवर्क अहमदाबाद से भी जुड़ा पाया गया। पूछताछ में ब्यूटी पार्लर संचालिका बहनों- अमरीन और आफरीन ने जो सच स्वीकारा वो बेहद इस जिहादी नेटवर्क की गहरी सुनियोजित साजिशों को बेनकाब करता है।
अब तक सामने आ चुके मामलों में पाया गया है कि जरूरतमंद हिंदू युवतियों को पहले काम पर रखा जाता है, फिर ब्रेनवाश करके उन्हें मतांतरण के लिए बाध्य किया जाता है।
इस नेटवर्क में मुस्लिम युवतियां भी शामिल रहती हैं। वे निम्न-मध्यम वर्गीय हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाकर मुस्लिम युवाओं से दुष्कर्म कराती थी फिर मतांतरण के लिए बाध्य करती हैं।
देह व्यापार के धंधे में धकेलाअमरीन और आफरीन ने ब्यूटी पार्लर कम स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक ¨हदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने भेज दिया।
दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। उनका भोपाल से लेकर अहमदाबाद तक शारीरिक शोषण कराया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने बहुत सारी लड़कियों को निशाना बनाया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कई तो सामने ही नहीं आईं।
दोस्ती के बाद किया दुष्कर्म, फिर ब्लैकमेल
अशोकनगर जिले की जिन तीन नाबालिग लड़कियों को हाल ही में मतांतरित कराया गया है। उनमें से एक कक्षा 11 की छात्रा है। उसको उसकी मुस्लिम सहेली के माध्यम से फंसाया गया फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया गया।
इसके बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। एक लाख रुपये ऐंठने के साथ ही मतांतरण कराया। पुलिस नए मामलों की जांच कर रही है। इस मामले मे दो नाम सामने आ चुके हैं। दोनों आरोपित फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
ब्रेनवाश करने में माहिर
इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में भोली-भाली हिंदू लड़कियों का ब्रेनवाश भी किया जाता है। भोपाल में लगभग हर सप्ताह धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं, जिनमें कई केसों में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हालांकि अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है।
दो सगी बहनों को बनाया था शिकार
पिछले वर्ष टीआईटी कॉलेज के बहुचर्चित दुष्कर्म, मतांतरण कांड में पीड़िताओं ने इसी तरह के नेटवर्क की शिकायत की थी। आरोपितों ने दो सगी बहनों को निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म कर मतांतरण का दबाव बनाया था। दोनों बहनें अनाथ थीं और कालेज में पढ़ाई के साथ नौकरी करती थीं। मुख्य आरोपित फरहान, उसके दोस्त अली और साद ने मिलकर कॉलेज में उनसे दोस्ती की। अपने मुस्लिम दोस्तों के गिरोह में शामिल किया।
फिर फरहान ने बड़ी बहन से दुष्कर्म कर उसका वीडिया बनाया। बाद में छोटी बहन से संबंध बनाए। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्त के सामने भी पीड़िता को परोस दिया। कुछ समय बाद दोनों बहनों को फरहान की करतूत पता चली। डरकर पीड़िताओं ने लंबे समय तक मामले को छुपाकर रखा। वहीं अन्य पीड़िताओं के सामने आने के बाद उन्होंने शिकायत की थी।
जिहादी सिस्टर्स की करतूत बेनकाब
बागसेवनिया क्षेत्र में अमरीन और आफरीन नामक दो जिहादी बहनों ने स्पा सेंटर में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक हिंदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने परोस दिया। इतना ही नहीं, दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार में धकेल दिया और उसके रुपये भी नहीं देती थीं। आरोपित मुस्लिम बहनों का यह नेटवर्क भोपाल से अहमदाबाद तक फैला हुआ था। जिसमें कई हिंदू युवतियों को फंसाया जा चुका है।
क्लासमेट निकला लव जिहादी
राजधानी के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की हिंदू छात्रा को उसके मुस्लिम क्लासमेट ने दोस्ती कर फंसाया और फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया। साथ ही ब्लैकमेलिंग कर उससे एक लाख रुपये ऐंठे और मतांतरण का दबाव बनाया। पीड़ित छात्रा का क्लासमेट आरोपित ओसाफ भी एक संभ्रांत परिवार से संबंध रखता है। हालांकि फिर भी वह कट्टरपंथी विचारधारा अपनाकर पीड़िता का शोषण करता था।

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