रायपुर
सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया।
सरलाबाई मरावी, पति लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है।
चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया।
अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।
सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है।
ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।

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