जालंधर.
हरियाणा में कच्चे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग (HR Department) ने एक नया आदेश जारी कर प्रदेश के महकमों में हड़कंप मचा दिया है। सरकार ने उन संविदा (Contractual) कर्मचारियों की कुंडली मांगी है जो मोटा वेतन ले रहे हैं।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर निम्नलिखित जानकारी 30 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से मांगी है। वे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन ₹50,000 से अधिक है। जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक अपनी सेवा के 5 साल पूरे कर लिए हैं। पद का नाम, काम की प्रकृति, स्वीकृत पद के विरुद्ध नियुक्ति है या नहीं, और वेतन का पूरा ब्यौरा।
क्या होगा इन कर्मचारियों का?
सरकार के इस कदम के बाद गलियारों में चर्चा तेज है। क्या सरकार इन उच्च वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए किसी विशेष नीति (Policy) पर विचार कर रही है? लेकिन असली सवाल तो उन लाखों कच्चे कर्मचारियों का है जो वर्षों से मामूली वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। क्या सरकार सिर्फ ₹50,000 से ऊपर वालों का डेटा जुटाएगी, या कम वेतन वाले 'कच्चे' कर्मचारियों के घर भी कभी 'पक्का' होने की खुशखबरी आएगी?

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