भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए अब न्यू मार्केट से लगे रोशनपुरा, मालवीय नगर में दुकानों की बड़ी तोड़फोड़ होगी। यहां दरवेश बर्तन भंडार की लाइन और इसके आसपास के क्षेत्र की दुकानों को नोटिस देकर आगाह किया गया है। अगले दो माह में यहां काम शुरू होगा। मेट्रो ट्रेन के इन नोटिस से पूरे क्षेत्र में लोगों में डर है। ये मेट्रो ट्रेन अफसरों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं। यहां सरकारी जमीन है और प्रोजेक्ट की डिजाइन में बदलाव कर दुकानों को बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
न्यू मार्केट और मालवीय नगर में स्टेशन की डिजाइन में पहले ही बदलाव किया जा चुका है। छोटी बड़ी 15 दुकानें इससे प्रभावित होने की स्थिति है। रोशनपुरा मेट्रो स्टेशन कांग्रेस के जवाहर भवन के पास है। इसकी डिजाइन को लेकर कई आपत्तियां आईं। कुछ बड़े कॉम्प्लेक्स इसमें जा रहे थे, जिन्हें डिजाइन बदलकर बचाया गया। मालवीय नगर की ओर बड़ी संख्या में स्लम है।
जहांगीराबाद बाजार और आवासीय क्षेत्र भी चिंता में
मेट्रो की तोड़फोड़ से सिर्फ न्यू मार्केट मालवीय नगर ही नहीं, जहांगीराबाद बाजार से लेकर आवासीय क्षेत्र तक चिंता में है। यहां 600 मीटर लंबा हिस्सा मेट्रो के लिए तोड़ा जाएगा। इसमें कई बड़े व्यवसायिक भवन शामिल है। दुकानों के अंदर तक निशान लगाए हुए हैं। 20 मकान भी है, जिन्हें तोड़ा जाएगा। इसके लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट से लेकर कोर्ट तक याचिका लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
रेलवे लाइन के किनारे से हटाई गईं 85 झुग्गिया
जिला प्रशासन व नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में छोला रेलवे लाइन के पास 85 झुग्गियों को हटाया गया। इन्हें हटाने के लिए रेलवे ने प्रक्रिया की थी। जिस जगह झुग्गियां बना ली थी वह रेलवे की जमीन है। यहां हाल में ही तेजी से जमीन पर कब्जा करने के लिए झुग्गियां बनाई जा रही थी। रेलवे ने जिला प्रशासन व नगर निगम की मदद से इन झुग्गियों को हटवाया। इस दौरान पुलिस बल उपस्थित रहा।
रेलवे के लिए खतरा थी झुग्गियां
गोविंदपुरा एसडीएम भुवन गुप्ता के अनुसार ये अभी नई झुग्गियां बनी थी। रेलवे की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी। इसके साथ ही रेलवे यहां अपनी जमीन को संरक्षित करने फेंसिंग का काम शुरू करने वाला है। मौके पर प्रशासन व पुलिस बल सुबह ही पहुंच गया था। इन झुग्गियों में से अधिकतर में छोटी दुकानें संचालित की जा रही थी। ये लोग पास की ही कॉलोनी के थे। इन्हें हटाया गया। जमीन खाली कराई, अब रेलवे यहां फेंङ्क्षसग कर जमीन को संरक्षित करेगा।

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