मुंबई
अगर निवेश पैटर्न को देखें तो बीते कुछ समय से निवेशकों का रुझान म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ा है। कई ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो निवशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दे रहे हैं। ऐसा ही एक 13 साल पुराना म्यूचुअल फंड पराग पारिख फ्लेक्सी कैप (PPFAS) है। यह एसेट्स के आधार पर सबसे बड़ा एक्टिव फंड और फ्लेक्सी कैप फंड है। ETMutualFunds के विश्लेषण के अनुसार शुरुआती दिनों में इस फंड में अगर किसी निवेशक ने हर महीने 10,000 रुपये का सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP शुरू किया होता तो आज उसकी निवेश राशि बढ़कर लगभग 51 लाख रुपये हो जाती।
वहीं, अगर किसी निवेशक ने 10 साल पहले इस फंड में 10,000 रुपये की SIP की होती तो आज इस निवेश की वैल्यू 29.25 लाख रुपये होती, जिसमें एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (XIRR) 17.02% होता। इसी तरह का निवेश अगर पांच साल पहले किया गया होता तो उसकी वैल्यू 8.21 लाख रुपये होती, जिसमें XIRR 12.61% होता।पिछले तीन सालों में इस निवेश की वैल्यू 4.05 लाख रुपये रही होगी। इसका XIRR 8.04% था।
1.40 लाख करोड़ रुपये है फंड का AUM
इस फ्लेक्सीकैप फंड को वैल्यू रिसर्च और Morningstar, दोनों ने 5-स्टार रेटिंग दी है। अप्रैल 2026 तक इस फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो मार्च में 1.28 लाख करोड़ रुपये था। PPFAS म्यूचुअल फंड के अनुसार इस स्कीम का निवेश का मकसद एक एक्टिवली मैनेज्ड पोर्टफोलियो से लंबे समय में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है, जिसमें मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी सिक्योरिटीज शामिल होती हैं।
यह योजना भारतीय और विदेशी शेयरों में निवेश करती है और उन कंपनियों को चुनती है जो मजबूत बिजनेस मॉडल और उचित वैल्यूएशन पर उपलब्ध हों। फंड मैनेजर और रिसर्च हेड रौनक ओंकार ने कहा कि उनकी रणनीति लंबी अवधि के लिए गुणवत्तापूर्ण कंपनियों में निवेश करना है। यदि बाजार में उचित अवसर नहीं मिलते तो फंड कैश भी होल्ड करता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर राजेश मिनोचा ने ETMutualFunds को बताया कि PPFAS एसेट मैनेजमेंट के इस फंड ने पिछले 13 सालों में मजबूत और लगातार प्रदर्शन किया है। इस दौरान SIP ने लगभग 17% का XIRR दिया है, जो अनुशासित लंबी अवधि के निवेश और अच्छी क्वालिटी के स्टॉक चुनने के फायदों को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह फंड वैल्यू-ओरिएंटेड अप्रोच अपनाता है। यह विदेशी स्टॉक्स के जरिए ग्लोबल डाइवर्सिफिकेशन शामिल करता है।
10 साल के रिटर्न के आधार पर, इस फंड ने 2018 और 2022 में नेगेटिव रिटर्न दिया है। फंड को 2018 में 0.43% और 2022 में 7.23% का नुकसान हुआ। पिछले 10 कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा रिटर्न की बात करें तो फंड ने 2021 में इस मुकाम को हासिल किया। इस साल फंड ने सबसे ज्यादा लगभग 45.51% का रिटर्न दिया।

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