कुरुक्षेत्र.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने चार की रात्रि या पांच जून की सुबह को आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार बंद करने का ऐलान एक बार फिर से किया है। आइएमए के पूर्व प्रधान ड. सुरेंद्र मेहता के मेहता नर्सिंग होम पर आइएमए की बैठक हुई। बैठक के बाद चिकित्सकों ने बताया कि आठ माह से आयुष्मान योजना में इलाज देने वाले अस्पतालों का बकाया नहीं दिया गया है।
चिकित्सकों ने बताया कि जिले के निजी अस्पतालों को 45 करोड़ रुपये बकाया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुरेंद्र मेहता ने कहा कि फरवरी 2025 में सरकार के साथ आइएमए का एमओयू हुआ था, जिसमें 15 दिन के अंदर-अंदर अायुष्मान योजना में इलाज देने वाले मरीजों की पेमेंट जारी करने का आश्वासन दिया गया था। मगर ऐसा नहीं हो रहा।
उन्होंने कहा कि इस योजना में वर्ष 2024 के बाद जब चिरायु कार्ड बने उसके बाद समस्या शुरू हुई, जब एक बड़ी संख्या में लोगों के कार्ड बना दिए गए। सरकार ने फरवरी में आश्वासन दिया था कि अप्रैल तक पेमेंट आ जाएगी मगर ऐसा नहीं हुआ।
अब जनवरी 2026 से निजी अस्पताल संचालकों की पेमेंट बकाया है। आइएमए भी चाहती है कि सरकार के साथ चलें। मगर इसके लिए विशेष तौर पर चिकित्सक लगाएं ताकि बकाया दिया जा सके। चार की रात को या पांच की सुबह से मरीज लेने बंद करने पड़ेंगे। इस दौरान अग्रवाल नर्सिंग होम से डॉ. अमन अग्रवाल, नंन लाल अस्पताल से डा. अंशुल ग्रोवर, श्रीबालाजी आरोग्यम अस्पताल से डा. अनुराग कौशल, मेहता नर्सिंग होम से डा. सुरेंद्र मेहता, डॉ. प्रियंका गुप्ता मौजूद रहे।

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