जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की सोच को धरातल पर लागू करने के उद्देश्य से चल रहे “शहरी सेवा शिविर–2026” का सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर विकास प्राधिकरण परिसर स्थित नागरिक सेवा केंद्र में निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगरीय विकास एवं आवासन विभाग) आलोक गुप्ता भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से संवाद किया और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने टोकन व्यवस्था, आवेदन पंजीकरण, ई-मित्र काउंटर, प्रतीक्षालय और अभिलेख संधारण जैसी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर नागरिक को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि ये शिविर केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम हैं। नागरिकों को इन शिविरों के जरिए संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का अनुभव मिलना चाहिए।
इस दौरान आलोक गुप्ता ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकतम लोगों को राहत मिल सके।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मुख्य सचिव को शिविरों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविरों में भू-प्रबंधन, लीज, नामांतरण, पट्टा, आवंटन और भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है।
आयुक्त ने बताया कि पहले दिन आयोजित सुनवाई में कुल 327 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही शिविर अवधि में लंबित प्रकरणों का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
शिविरों में नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, ई-मित्र काउंटर और जोनवार बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि आवेदकों को मोबाइल संदेश और कॉल के जरिए समय स्लॉट की जानकारी दी जा रही है।
शिविर का आयोजन 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक विभिन्न जोनों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

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