चंडीगढ़
पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा 18 जून से सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने 19 जून से अगले चार दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार इस प्री-मानसून गतिविधि के चलते तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्री-मानसून बारिश है और मानसून के आगमन को लेकर अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
मानसून की रफ्तार धीमी, पंजाब में देरी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने के बाद इसकी प्रगति बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी धीमी हो गई है। ऐसे में पंजाब में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है। पहले इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही थी।
16 जिलों में अलर्ट, मंगलवार को गिरा पारा
मंगलवार को कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया। रूपनगर 37.2 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। बुधवार के लिए अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, बठिंडा, मानसा समेत 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है।

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