सिरसा.
हरियाणा के लिए गौरव की बात है क्योंकि सिरसा जिले का किन्नू अब वैश्विक पहचान के साथ बाजार में उतरेगा। सिरसा के किन्नू को GI टैग मिलना हरियाणा के किसानों, बागवानी क्षेत्र और प्रदेश की समृद्ध कृषि विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यह सम्मान सिरसा के किन्नू को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने के साथ-साथ हमारे किसानों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जानकारी के अनुसार सिरसा हरियाणा का सबसे बड़ा किन्नू उत्पादक क्षेत्र है। यहां करीब 13 हजार हेक्टेयर भूमि पर किन्नू के बाग लहलहा रहे हैं। जिला बागवानी अधिकारी दीन मोहम्मद के अनुसार, जिले में प्रतिवर्ष 1 लाख 80 हजार 508 मीट्रिक टन किनू का उत्पादन हो रहा है। जिले में सबसे ज्यादा किन्नू के बाग डबवाली खंड में लगे हुए हैं। विशेष नवायु और मिट्टी के कारण यहां का किन्नू चमकदार, रसीला और स्वादिष्ट होता है।
क्या होता है GI टैग?
यह टैग किसी उत्पाद की उस खास विशेषता, स्वाद या गुणवत्ता के लिए दिया जाता है जो किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र की बजह से होती है। यह उत्पाद को कानूनी संरक्षण देता है।
हरियाणा के लिए गौरव
बता दें कि सिरसा के किन्नू को स्वतंत्र GI टैग मिला है। इससे पहले बासमती चावल के लिए हरियाणा और पंजाब को संयुक्त रूप से और फुलकारी के लिए संयुक्त टैग मिला हुआ है।

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