पीएम मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी दलों ने अपने-अपने गले शिकवे भुलाकर इंडिया गठबंधन का गठन किया था. विपक्ष के एक साथ आने का सियासी लाभ भी 2024 के लोकसभा चुनाव में मिला. इंडिया गठबंधन भले ही सत्ता में वापसी न कर सका हो, लेकिन बीजेपी को अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं छूने दिया. नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों की बैसाखी का सहारा लेना पड़ा था, लेकिन उसके बाद हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज सारा हिसाब बराबर कर लिया है. इस तरह से इंडिया गठबंधन के बने मोमेंटम की सात महीने में ही हवा निकल गई है. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन 235 सीटें जीतने में कामयाब रही, जिसमें कांग्रेस की 99 सीटें शामिल थीं. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए 293 सीटें जीती थी, जिसमें बीजेपी की 240 सीटें थी. 2019 की तुलना में बीजेपी को 63 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी के लिए यह सियासी झटका था. संसद से सड़क तक विपक्ष के हौसले बुलंद थे और मोदी सरकार पर आक्रामक रुख अपना रखा था, जिसके बाद सवाल उठने लगा कि बीजेपी के ढलान का वक्त शुरू हो गया है. ऐसे में बीजेपी ने जिस तरह से लोकसभा के बाद हुए राज्यों के विधानसभा चुनाव में कमबैक ही नहीं किया बल्कि इंडिया गठबंधन को मात देकर सारे बने बनाए मोमेंटम की हवा निकाल दी है.

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