झज्जर.
गुरुग्राम मार्ग से तीन मीटर दूर झाड़ियों में दो व्यक्तियों के शव मिलने के मामले में मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चिकित्सकों के बोर्ड ने बताया कि दोनों की हत्या सिर पर चोट मारकर ही नहीं, बल्कि गोली मारकर की गई थी। कामिल (50) के सिर से एक गोली और इरशाद (40) के कान के पीछे व गर्दन के नीचे से दो गोलियां बरामद हुईं।
एक गोली को शरीर से निकालने में चिकित्सकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। संभावनाएं, इस तरह की बन रही हैं कि पहले दोनों को गोलियां मारी गईं और बाद में पहचान छिपाने के उद्देश्य से किसी भारी वस्तु या लोहे की रोड से चेहरे व सिर पर वार किए गए। स्वजन के अनुसार, कामिल ने दो महीने पहले ही मेरठ में अपना एक प्लॉट करीब 2 करोड़ रुपये में बेचा था। इसके अलावा दोनों ने करीब एक महीना पहले नीमराना स्थित अपना पीजी भी बेचा था। कारोबार से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रख पुलिस हर एंगल को खंगाल रही है। असल कारण पर सवाल बरकरार है।
नागरिक अस्पताल पहुंचे इरशाद के भाई हकीकत ने कामिल और इरशाद के ही दो साथियों, सतीश और सिकंदर पर हत्या की आशंका व्यक्त की है। स्वजनों के अनुसार, 6 जुलाई की सुबह सतीश ने ही फोन पर परिवार को दोनों के एक्सीडेंट में घायल होने की सूचना दी थी। सोमवार को वे दोनों झज्जर अस्पताल भी आए थे, लेकिन उसके बाद से ही उनका कोई अता-पता नहीं है।
मृतकों के दोनों मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान भी गायब हैं। बता दे कि मूल रूप से मुजफ्फरनगर (यूपी) के जौला गांव के रहने वाले कामिल और इरशाद पिछले 20 वर्षों से राजस्थान के नीमराना में साथ रहकर प्रापर्टी का कारोबार कर रहे थे। इरशाद की रविवार शाम करीब आठ बजे अपने भाई हकीकत से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी।

More Stories
चंडीगढ़ में बनेगी नई मंडी: सेक्टर-39 परियोजना को जल्द मिलेगी पर्यावरण मंजूरी, साल के अंत तक होगी शिफ्टिंग
Punjab BJP Mission: पीएम मोदी के 17 जुलाई दौरे से ‘मिशन आत्मनिर्भर’ को मिलेगी नई धार, संगठन करेगा बड़ा अभियान
First Hydrogen Train: पीएम मोदी की जींद रैली बनेगी इको-फ्रेंडली, इलेक्ट्रिक वाहनों से पहुंचेंगे कार्यकर्ता, खास है प्लान