बस्तर.
बस्तर में किसानों की शिकायतों ने कृषि विभाग को बड़ी कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। उर्वरक नियमों के उल्लंघन के आरोप में एक कृषि केंद्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन की पुष्टि हुई।
इसके बाद संबंधित संचालक के खिलाफ फ्रेजरपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। एक अन्य मामले में बिना वैध लाइसेंस के डीएपी के नाम पर दूसरे उर्वरक बेचने का आरोप सामने आया। साथ ही निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की भी शिकायत मिली। बोधघाट थाने में भी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ है। कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों के साथ किसी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग लगातार खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता पर नजर रखे हुए है। किसानों से अपील की गई है कि अधिक कीमत या संदिग्ध सामग्री मिलने पर तुरंत शिकायत करें। समय पर शिकायत मिलने से दोषियों पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। विभाग का कहना है कि कृषि सीजन में किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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