जालंधर.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से नीट यूजी 2026 का नतीजा जारी कर दिया गया है, जिसमें पहली बार टॉप 10 से भी कम रैंक आया है। इसमें जालंधर के आकाश इंस्टीट्यूट के गीतांश सरीन में देश भर से आठवां रैंक हासिल किया है।
इससे पहले सबसे कम रैंक 11वां रहा था। आकाश इंस्टीट्यूट के ही जयेश महाजन ने देशभर से 508 बार रैंक हासिल किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि नीट की पहली परीक्षा भी अच्छे से हुई थी, मगर उसके रद्द होने से मानसिक तनाव भी बड़ा था क्योंकि जो 2 सालों से लगातार पढ़ने के बाद परीक्षा दी थी अब वहीं परीक्षा दोबारा देनी पड़ रही थी। मगर शिक्षकों ने समझाया कि यह हालत केवल उनके नहीं बल्कि सभी विद्यार्थियों के हैं इसलिए इसे पाजिटिवली लें और एक महीने के लिए फिर से तैयारी में जुट जाएं। विद्यार्थियों को कहना है कि पहले हुई परीक्षा में बेहद आसन थी मगर दूसरी परीक्षा उससे भी कहीं गुना अधिक कठिन थी।
पहली परीक्षा क्लियर करने के बाद उनके अंक तो अच्छे आ जाते मगर रैंकिंग इतनी बेहतर आए या नहीं इसकी चिंता जरूर थी क्योंकि नीट की परीक्षा में डिफिकल्ट लेवल को क्लियर करने के आधार पर रैंकिंग घटती बढ़ती है। आकाश इंस्टीट्यूट रीजनल हेड विवेक भदोरिया, एकेडमिक हेड मेडिकल देश दीपक वर्मा और रविंदर वर्क का कहना है कि यह बड़े ही गर्व की बात है कि जालंधर ही नहीं बल्कि उनकी सेंटर का भी सबसे बेहतर अब तक का रैंक रहा है। बीते सालों में उनके सेंटर का नतीजा आल इंडिया 11 रहा था। भविष्य में भी बेहतर से बेहतर प्रदर्शन पर रैंक लाने के लिए विद्यार्थियों के साथ शिक्षक मेहनत करते रहे।

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