July 17, 2026

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने ठेकेदारों संग की बैठक, गुणवत्ता पर जोर

रायपुर
 छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव और आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सुचारू क्रियान्वयन को लेकर प्रदेशभर के ठेकेदारों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न जिलों से 50 से अधिक ठेकेदार शामिल हुए। इस दौरान मंडल की आगामी योजनाओं, निर्माण कार्यों और अधोसंरचना विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विस्तार पर दिया जोर
मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में मंडल के कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब मंडल केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर विकास योजनाएं, रि-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, सड़क, पुल-पुलिया जैसी बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं का भी क्रियान्वयन कर रहा है।

उन्होंने ठेकेदारों से अपील की कि हितग्राहियों के लिए बनाए जा रहे घरों की गुणवत्ता उसी स्तर की होनी चाहिए, जिस तरह कोई व्यक्ति अपने निजी मकान के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखता है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार मंडल की निर्माण एजेंसी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और योजनाओं को सफल बनाने में उनकी सहभागिता जरूरी है।

समय सीमा में काम पूरा करने और भुगतान प्रक्रिया सुधारने के निर्देश
आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बैठक में निर्माण कार्यों से जुड़े तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इनमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करना और ठेकेदारों के देयकों का समय पर भुगतान शामिल है।

उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और समय सीमा के अनुसार पूरे किए जाएं। कार्यस्थल पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और जरूरत पड़ने पर मुख्यालय से मार्गदर्शन लिया जाए।

नई योजनाओं में ठेकेदारों की बढ़ेगी भागीदारी
बैठक में मंडल की इनहाउस योजनाओं, पीपीपी मॉडल पर रि-डेवलपमेंट योजनाओं और बीओटी माध्यम से संचालित होने वाली परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि मंडल अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और तकनीकी क्षमता के साथ विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

आयुक्त ने भूमि चयन, ले-आउट प्लान, प्राक्कलन तैयार करने और निविदा प्रक्रिया से जुड़े सुझावों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदारों के भुगतान को आसान और तेज बनाने के लिए लेखा एवं तकनीकी शाखा को चेकलिस्ट तैयार कर प्रक्रिया सरल करने को कहा गया।