भागलपुर
बिहार के भागलपुर जिले में कोरोना वायरस ने एक बार फिर दस्तक दी है। यहां शहर में कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद भागलपुर जिला समेत पूरे बिहार में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। लोगों के जेहन में एक बार फिर से 2020 से 2022 तक लगातर कोराना वायरस संक्रमण की तीन लहर की भयावह याद तैर गई। दरअसल यहां तिलकामांझी स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान लालूचक निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना संक्रमित पाए गए। उनको सात दिन से बुखार, सर्दी-खांसी, कमजोरी व सांस की शिकायत थी।
वृद्ध को परिजनों ने निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। एक निजी पैथोलॉजी में आरटीपीसीआर जांच के बाद मरीज में कोविड संक्रमण मिला। इसके बाद उनको रविवार को मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के आइसीयू वार्ड में भर्ती किया। मामले पर मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज की तबीयत बीते 15 दिन से खराब थी। इस दौरान मरीज कहीं बाहर नहीं गया था। परिजनों के अनुसार मरीज से मिलने आसपास के कुछ लोग आए थे। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण फैलने की दर पर विभाग की विशेष नजर है। विभाग का मानना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है।
मरीज ने दो बार ली है वैक्सीन की डोज
कोरोना संक्रमित मरीज ने कोविड वैक्सीन की दो डोज ली थी। वैक्सीन के कारण शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी रहने से बीमारी से लड़ने में सहायता मिली है। मरीज का ऑक्सीजन लेवल 72 प्रतिशत तक पहुंच गया था। स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि इस वर्ष कोविड संक्रमित पहला मरीज मिला है। अन्य मरीज मिलने के बाद वायरस के वेरिएंट का पता लगाने के लिए सैंपल को भेजा जाएगा। अबतक कोविड के डेल्टा, ऑमिक्रॉन जैसे वेरिएंट का पता चला है। मरीज की मायागंज अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी।
चीन में 79 हजार कोविड संक्रमित मरीज मिले: भारत में कोविड मरीज मिलने से पहले जून व जुलाई के पहले सप्ताह तक चीन में 79 हजार कोविड संक्रमित मरीजों की पहचान हो चुकी है। इन मरीजों में ऑमिक्रॉन वेरिएंट के वायरस मिले हैं। बता दें 2019 में पहली बार कोविड संक्रमित केस चीन में ही मिला था। इसके बाद 2023 की शुरुआत तक भारत इस संक्रमण की चपेट में बुरी तरह फंस गया था। हालांकि इसके बाद लंबे समय तक राहत रही।
कोविड मरीज की मांगी रिपोर्ट
इधर, 19 जुलाई रविवार को लोदीपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग को कोरोना संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे से मरीज की पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधीक्षक ने बताया कि मरीज एक निजी लैब में भर्ती था, वहीं निजी पैथोलॉजी की जांच में कोविड संक्रमित पाए गए। अब मायागंज अस्पताल की लैब में आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी जाएगी।
बता दें कि कोविड-19 बीमारी की भागलपुर जिले में शुरुआत अप्रैल 2020 से हुई थी। जब 18 मार्च 2020 को इंगलैंड से लौटे 65 वर्षीय बुजुर्ग बीमार पड़ गए थे। उसी साल दो अप्रैल को बुजुर्ग की सैंपल जांच के बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह भागलपुर में कोरोना का पहला मामला था। अप्रैल 2020 से जुलाई 2022 तक 27 माह के दौरान कोरोना संक्रमण की चपेट में करीब 29580 लोग आ गए।
वहीं इस दौरान 366 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हालांकि 2022 में दूसरी जानलेवा लहर के दौरान मई से जिले में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई। 31 अगस्त 2022 तक जिले के 20.57 लाख लोगों को कोविशील्ड, कोवैक्सीन व कोर्विवैक्स के टीके लगा दिए गए। बावजूद कोरोना संक्रमण के तीन लहर की विभीषिका को लोग अबतक नहीं भूल पाए हैं।

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