नई दिल्ली
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) पेंशनर कार्ड की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने सीजीएचएस पोर्टल को भविष्य (Bhavishya) पोर्टल से जोड़ दिया है। इससे पेंशन से जुड़ी जानकारी अपने आप सीजीएचएस आवेदन में आ जाएगी और कर्मचारियों को एक ही जानकारी दोबारा भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले कर्मचारियों को भविष्य पोर्टल पर पेंशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अलग से सीजीएचएस पेंशनर कार्ड के लिए आवेदन करना पड़ता था। इस दौरान वही जानकारी फिर से भरनी होती थी, जिससे समय भी लगता था और डॉक्यूमेंट्स की जांच में भी देरी होती थी।
अब नए सिस्टम में जैसे ही भविष्य पोर्टल पर पेंशन से जुड़े डॉक्यूमेंट मंजूर होंगे, वही जानकारी अपने आप सीजीएचएस पोर्टल पर पहुंच जाएगी। इससे आवेदन तेजी से पूरा होगा और कागजी कार्रवाई भी कम होगी।
पैन बनेगा यूनिक पहचान
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में पैन कार्ड को यूनिक पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए सीजीएचएस और भविष्य पोर्टल के बीच जानकारी का रियल टाइम मिलान किया जाएगा, जिससे गलतियां और डुप्लीकेट जानकारी की संभावना भी कम होगी।
ऐसे मिलेगा सीजीएचएस पेंशनर कार्ड
जब हेडऑफिस पेंशन से जुड़े फॉर्म को वैरिफाई कर देंगे, तब पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी होगा। इसके बाद कर्मचारी भारतकोष (BharatKosh) पेमेंट गेटवे के जरिए सीजीएचएस का अंशदान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। पेमेंट पूरा होने के बाद सीजीएचएस पेंशनर कार्ड जारी कर दिया जाएगा।
कहां से डाउनलोड कर सकेंगे कार्ड?
मंजूर होने के बाद कर्मचारी अपना सीजीएचएस पेंशनर कार्ड सीजीएचएस पोर्टल और भविष्य पोर्टल, दोनों से डाउनलोड कर सकेंगे।
पुरानी व्यवस्था भी रहेगी जारी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नई डिजिटल सर्विस सिर्फ एक एक्स्ट्रा ऑप्शन है। जो कर्मचारी चाहें, वह पहले की तरह सीजीएचएस की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भी अप्लाई कर सकते हैं।
क्या है सीजीएचएस?
सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी सीजीएचएस केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को हेल्थ सर्विस उपलब्ध कराता है। फिलहाल देश के 80 शहरों में इसके करीब 42 लाख लाभार्थी हैं।
सीजीएचएस के तहत मिलती हैं ये सुविधाएं
ओपीडी इलाज और मुफ्त दवाएं।
सरकारी और पैनल में शामिल अस्पतालों के डॉक्टरों से इलाज।
सरकारी और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज की सुविधा।
सरकारी और पैनल वाले डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच।
पेंशनर्स के लिए पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज।
आपातकालीन या खास परिस्थितियों में सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च नियमों के अनुसार वापस मिलने की सुविधा। नई डिजिटल सिस्टम से रिटायर होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों का समय बचेगा, कागजी झंझट कम होगा और सीजीएचएस पेंशनर कार्ड पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बन सकेगा।

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