July 26, 2026

देशी श्रद्धालुओं से गुलजार पंजाब, लेकिन विदेशी सैलानियों की घटती संख्या ने बढ़ाई चिंता

चंडीगढ़.

पंजाब में पर्यटन के ताजा आंकड़े दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहे हैं। एक तरफ राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर विदेशी पर्यटक पंजाब से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि पंजाब धार्मिक पर्यटन के दम पर देश के भीतर से बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित करने में सफल रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पकड़ कमजोर हुई है।

यही वजह है कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में पंजाब कई पड़ोसी राज्यों से पीछे है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़े राज्य के पर्यटन क्षेत्र के सामने खड़ी इस चुनौती को सामने लाते हैं।

2025 में पंजाब में 3.32 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे
मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025 में पंजाब में 3.32 करोड़ घरेलू पर्यटक पहुंचे, जबकि 2021 में यह संख्या 2.66 करोड़ थी। इस तरह पांच वर्षों में घरेलू पर्यटकों की संख्या में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि इस दौरान उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। वर्ष 2022 में घरेलू पर्यटक 2.61 करोड़ रहे। इसके बाद 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 3.57 करोड़ पर पहुंच गया, जो पांच वर्षों का सबसे अधिक स्तर रहा। 2024 में संख्या घटकर 2.77 करोड़ रह गई, लेकिन 2025 में फिर बढ़कर 3.32 करोड़ हो गई। इसके विपरीत विदेशी पर्यटकों के आंकड़े लगातार चिंता बढ़ाने वाले हैं।

वर्ष 2021 में पंजाब में 3.08 लाख विदेशी पर्यटक आए थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 3.29 लाख और 2023 में रिकॉर्ड 7.42 लाख तक पहुंच गई, लेकिन इसके बाद गिरावट शुरू हो गई। 2024 में विदेशी पर्यटकों की संख्या घटकर 5.42 लाख रह गई और 2025 में यह केवल 1.63 लाख दर्ज की गई। यानी 2021 की तुलना में भी विदेशी पर्यटकों की संख्या करीब 47 प्रतिशत कम हो गई।

विदेशी पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार विदेशी पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट के पीछे कई कारण हैं। इनमें कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा की असमान गति से बहाली, धार्मिक और विरासत स्थलों से आगे सीमित पर्यटन विकल्प, एनआरआइ आगंतुकों पर अधिक निर्भरता, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर प्रचार-प्रसार और अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होने के बावजूद सीमित अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क शामिल हैं। विभाग का कहना है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में आई तेज गिरावट के कारणों की समीक्षा की जाएगी।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में पंजाब की स्थिति पड़ोसी राज्यों की तुलना में कमजोर है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इसी अवधि में राजस्थान में विदेशी पर्यटकों की संख्या में 5,488 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश में 1,620 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि घरेलू पर्यटन में स्थिर बढ़त के बावजूद पंजाब अभी भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है।

पंजाब के यह हैं प्रमुख पर्यटन स्थल
आंकड़े यह भी बताते हैं कि पंजाब का पर्यटन अब भी काफी हद तक धार्मिक और विरासत स्थलों पर केंद्रित है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग और अटारी-वाघा सीमा सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा, पटियाला का मोती बाग पैलेस और किला मुबारक, कपूरथला का जगतजीत पैलेस, लुधियाना का महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय तथा रूपनगर के हरिके और रोपड़ वेटलैंड भी प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं।

पंजाब में पर्यटकों की संख्या (2021 – 2025)
वर्ष     घरेलू पर्यटक (करोड़ में)     विदेशी पर्यटक (लाख में)

2021     2.66     3.08
2022     2.61     3.29
2023     3.57     7.42
2024     2.77     5.42
2025     3.32     1.63
आपके द्वारा दिए गए आंकड़ों की तुलनात्मक तालिका (Table) निम्नलिखित है:

पंजाब में पर्यटकों की संख्या (2021 – 2025)
वर्ष     घरेलू पर्यटक (करोड़ में)     विदेशी पर्यटक (लाख में)

2021     2.66     3.08
2022     2.61     3.29
2023     3.57     7.42
2024     2.77     5.42
2025     3.32     1.63

मुख्य निष्कर्ष: –
घरेलू पर्यटक: 2021 में 2.66 करोड़ से बढ़कर 2025 में 3.32 करोड़ तक पहुँचे।
विदेशी पर्यटक: 2023 में उच्चतम स्तर (7.42 लाख) दर्ज करने के बाद 2025 में घटकर 1.63 लाख पर आ गए।