पटना
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 'प्रशस्त एप 2.0' पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। जिला शिक्षा कार्यालय ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद से मिले निर्देश के बाद सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया है।
जिला शिक्षा कार्यालय ने कहा है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा छह जुलाई को 'प्रशस्त एप 2.0' का शुभारंभ किया गया। इसके तहत सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के शिक्षकों को 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना है।
यू-डाइस में दर्ज मोबाइल नंबर से होगा पंजीकरण
निर्देश के अनुसार, शिक्षक पंजीकरण के दौरान यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर का ही उपयोग करेंगे। पंजीकरण के बाद एप के संचालन से संबंधित प्रशिक्षण वीडियो देखना भी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा।
15 अगस्त से शुरू होगी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग
पंजीकरण पूरा होने के बाद 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं की 'प्रशस्त एप 2.0' के माध्यम से स्क्रीनिंग की जाएगी।
इसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है। प्रशस्त एप 2.0 के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी और समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
एनसीईआरटी करेगी जिलावार समीक्षा
पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों के पंजीकरण की जिलावार प्रगति की समीक्षा एनसीईआरटी द्वारा की जाएगी। इसलिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शिविर आयोजित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी शिक्षकों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।

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