बिलासपुर.
स्वास्थ्य विभाग मलेरिया रोकने में नाकाम साबित हो रहा है. सीपत क्षेत्र के अदराली गांव में 17 वर्षीय बच्चे की मौत 29 जुलाई को सिम्स अस्पताल में हो गई है. वहीं सोमवार को कोटा में एक बार फिर 2 नए मरीज मिले हैं.
स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विंग महज कोटा क्षेत्र में मलेरिया के मरीज तलाश रहा है, वहीं बीते दिनों सीपत क्षेत्र के बच्चे की मौत मलेरिया के संक्रमण के चलते हो गई है. बताया जा रहा है कि सीपत के ग्राम अदराली के 17 वर्षीय स्कूली बच्चे दिनेश ओडे (भगत) पिता अनुप सिंह की तबीयत एक हफ्ते से खराब थी, उसे सीपत के 2 दिनों तक वंश अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन इसकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था. जिसके बाद परिजनों ने उसे सिम्स ले जाना चाहा, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. बच्चे के नाना रामनाथ मरावी ने बताया कि बच्चे की तबीयत बेहद खराब थी, बुखार बेहद बढ़ चुका था.
मेडिकल रिपोर्ट में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई थी. जिसे सिम्स ले जाया जा रहा था. खास बात यह है कि मलेरिया से मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कामकाज पर सवालिया निशान लग रहे है. बताया जा रहा है कि सोमवार को कोटा ब्लाक में एक बार फिर दो मरीज सामने आए है जिसके बाद एक्टिव केस की संख्या 18 हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अबतक 40 से अधिक मलेरिया के मरीज जिले में मिल चुके है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मलेरिया मरीजों की जानकारी नहीं है. मलेरिया अधिकारी बीके वैष्णव ने बताया कि कोटा में 2 मलेरिया के मरीज मिले है, सीपत क्षेत्र में मलेरिया के मरीज मिलने की जानकारी नहीं है. टीम से जानकारी ली जाएगी.

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