रांची
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. पिछले तीन दिनों से कई अभ्यर्थी और छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा. अब सरकार से बातचीत के लिए 11 लोगों के नाम भी सामने आ चुके हैं, जिनमें वकील से लेकर टेक्निकल एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया गया है।
रांची में भूख हड़ताल पर बैठीं छात्रा हबीबा ने कहा कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाया गया है, लेकिन इसे फिलहाल वे केवल एक आश्वासन के रूप में देख रही हैं. उन्होंने कहा, आज जो छात्र प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए जाएंगे, उसके बाद जो स्थिति बनेगी, उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मांगें नहीं मानीं तो जारी रहेगी हड़ताल
एनडीटीवी से बात करते हुए छात्रा हबीबा ने बताया कि अगर सरकार उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो आंदोलन और भूख हड़ताल दोनों जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि छात्र अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहते हैं. इसके बिना कुछ भी मंजूर नहीं होगा।
सरकार से बातचीत के लिए बना प्रतिनिधि मंडल
सरकार से बातचीत करने के लिए छात्रों ने जो प्रतिनिधि मंडल बनाया है, उसमें एक वकील और दो तकीनीकी जानकार भी शामिल हैं. कुल 11 लोग सरकार से बातचीत के लिए जाएंगे. प्रतिनिधिमंडल की सूची एसडीओ को सौंप दी गई है. अब सरकार बैठक का समय और स्थान तय कर छात्रों को इसकी सूचना देगी. बातचीत करने जाने वालों में ये नाम शामिल हैं –
पीयूष कुमार सिंह
रविन्द्र पासवान
राजेश प्रसाद
नीतू कुजूर
कार्तिक सोरेन
रविन्द्र
अंकित कुमार
शालू सिंह
परीक्षा में धांधली को लेकर बवाल
झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा को रद्द करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर अब सभी की नजरें टिकी हैं. फिलहाल कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं और आंदोलन लगातार बड़ा हो रहा है।
तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर मजबूती से रखा जाएगा पक्ष
छात्रों ने अपनी रणनीति काफी सोच-समझकर बनाई है. सरकार के पास सिर्फ छात्रों को भेजने के बजाय उन्होंने अपने साथ एक वकील और दो तकनीकी एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया है. इससे परीक्षा प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों, धांधली के आरोपों और कानूनी बारीकियों पर सरकार के सामने मजबूती से पक्ष रखा जा सकेगा।
वहीं, सरकार ने पहले ही प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया है. हालांकि अभी इन मंत्रियों के नाम सामने नहीं आए हैं. जबकि छात्रों की मांग है कि वो सीधे सीएम हेमंत सोरेन से ही बात करेंगे।
छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं. अब सभी की निगाहें सरकार के रुख और आज होने वाली इस वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं।

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