जीरकपुर/मोहाली.
पंजाब की दुर्लभ और संकटग्रस्त वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए जीरकपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गाजीपुर रोड पर सुखना चो के निकट गाजीपुर अर्बन फॉरेस्ट में एक्स-सिटू कंजर्वेशन रिपॉजिटरी का निर्माण किया जा रहा है।
यह केंद्र पंजाब जैव विविधता बोर्ड के सहयोग से ग्रीन प्लैनेट सोसायटी द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों का संरक्षण और रोपण किया जाएगा। पंजाब जैव विविधता बोर्ड के डाॅ. गुरहरमिंदर सिंह ने बताया कि यह रिपाॅजिटरी जैव विविधता के संरक्षण और अनुसंधान में महत्वपूर्ण साबित होगी। भविष्य में इसे राष्ट्रीय स्तर के लर्निंग एवं जैव विविधता संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां विद्यार्थी और शोधार्थी स्थानीय वनस्पतियों के महत्व को समझ सकेंगे। प्रत्येक पौधे के साथ सूचना पट्ट और क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे संबंधित प्रजातियों की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे लोग पौधों के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व को समझ सकेंगे।
ग्रीन प्लैनेट सोसायटी के अध्यक्ष सुमित भारद्वाज ने बताया कि गाजीपुर अर्बन फारेस्ट को संरक्षण, अनुसंधान और पर्यावरण शिक्षा के मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अब तक 25 एकड़ में 25 हजार पेड़ लगाए जा चुके हैं। 2031 तक इसे 112 एकड़ के सघन शहरी वन विकसित करने का लक्ष्य है। संरक्षण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रजातियों को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जोड़ना है।

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