August 16, 2026

यूपी में एनालॉग डेयरी उत्पादों पर सख्ती, मिलावट मिलने पर जब्त होंगे दूध-घी-पनीर

लखनऊ
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एनालाग डेयरी उत्पादों पर प्रतिबंध लगाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत दूध, घी, खोया, पनीर, क्रीम समेत अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण में हानिकारक रसायन अथवा विजातीय वसा का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित डेयरी के उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा।

साथ ही, प्रतिष्ठान का निर्माण कार्य तत्काल बंद कराने के साथ खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई होगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. रोशन जैकब ने 15 अगस्त को जारी संशोधित आदेश में अधिकारियों को यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों में अपमिश्रकों की पुष्टि हुई है। कई स्थानों पर दुग्ध उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में रिफाइंड तेल व वसा, सोयाबीन व उसके उत्पाद, टेल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाईआक्साइड, लिक्विड ग्लूकोज, सेफोलाइट, रानीपाल, टीनोपाल, हाइड्रोजन पैराक्साइड, विभिन्न न्यूट्रलाइजर और अन्य रसायनों के इस्तेमाल की बात सामने आई है।

कम मूल्य की गुणवत्ताहीन सामग्री और विषाक्त रसायनों के इस्तेमाल से तैयार ऐसे दुग्ध उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जनस्वास्थ्य के हित में इनकी रोकथाम जरूरी है।

निर्देश के मुताबिक किसी डेयरी या दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई में विजातीय वसा या हानिकारक रसायन पाए जाने पर संबंधित परिसर में मौजूद सभी दुग्ध उत्पादों को जब्त कर नष्ट कराया जाएगा।

संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 34 के तहत आकस्मिक प्रतिबंध आदेश जारी कर निर्माण कार्य तत्काल बंद कराया जाएगा। प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। संबंधित ब्रांड की बिक्री पर प्रदेशव्यापी प्रतिबंध लगाया जाएगा। ऐसे प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस भी तत्काल निलंबित किया जाएगा।

प्रदेश के बाहर निर्मित दूध और दुग्ध उत्पादों में भी यदि हानिकारक रसायन या विजातीय वसा की पुष्टि होती है तो संबंधित ब्रांड की बिक्री पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाया जाएगा।