कुरुक्षेत्र.
शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन की ओर से रविवार देर रात पुलिस बल की मौजूदगी में ऑपरेशन क्लीन सिटी चलाया गया। अभियान को लेकर जहां-जहां सफाई कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना मिली, वहां-वहां कर्मचारी पहुंच गए और विरोध जताया।
पूरी रात शहर में पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही। हालांकि इस दौरान किसी भी सफाई कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सफाई कर्मचारियों के विरोध के चलते कई स्थानों पर प्रशासनिक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने अभियान की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था सुधारने के नाम पर कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बजाय व्यवस्था की खामियों को दूर किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के पहुंचने के कारण रातभर शहर में कई स्थानों पर हलचल बनी रही।
सफाई की बजाय सड़कों पर दौड़ाए गंदगी से भरे डंपर
सफाई कर्मचारी इकाई के प्रधान सुनील लोहाटने आरोप लगाया कि प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाई कराने की बजाय सड़कों पर कूड़े और गंदगी से भरे डंपर दौड़ाए जाते रहे, जिससे शहर में जगह-जगह गंदगी फैलती चली गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले यह देखना चाहिए कि उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त संसाधन और उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। सुनील लोहाट ने कहा कि जिसका काम उसी को साझे के सिद्धांत पर व्यवस्था होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों का काम सफाई करना है और इसके लिए उन्हें आवश्यक संसाधन, सुरक्षा उपकरण तथा उचित व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आज मुख्यमंत्री के नाम देंगे ज्ञापन
सुनील लोहाट ने बताया कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों और ऑपरेशन क्लीन सिटी के विरोध में सोमवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से रखा जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ऐसी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं जिसमें सफाई व्यवस्था की मूल समस्याओं को दूर करने की बजाय कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
रातभर तैनात रहा पुलिस बल
ऑपरेशन क्लीन सिटी के चलते शहर में रातभर पुलिस बल की मौजूदगी रही। प्रशासन की ओर से संभावित विरोध को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वहीं सफाई कर्मचारियों को जैसे ही अभियान के अलग-अलग स्थानों पर चलने की जानकारी मिली, वे वहां पहुंचकर विरोध दर्ज कराते रहे। फिलहाल सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम दिए जाने वाले ज्ञापन के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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