रांची
झारखंड पुलिस ने राज्य में विधि व्यवस्था, माओवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, मादक पदार्थ अधिनियम, पोक्सो एक्ट, पुलिस आधुनिकीकरण व पुलिस कल्याण की दिशा में इस वर्ष साढ़े सात महीने के भीतर की गई कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट कार्ड पेश की है।
अपनी रिपोर्ट कार्ड में पुलिस ने बताया है कि माओवादियों के लिए कुख्यात रहे झारखंड के दस बड़े क्षेत्र अब पूरी तरह माओवादियों से मुक्त हो चुके हैं। इस साढ़े सात महीने के भीतर पुलिस ने साइबर अपराध, मादक पदार्थ अधिनियम, संगठित आपराधिक गिरोह के विरुद्ध भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
15 अगस्त तक 113 माओवादी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार माओवादियों में 49 भाकपा माओवादी, 30 पीपुलस लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया (पीएलएफआइ), 23 तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी), 10 झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) व एक संघर्ष जन मुक्ति मोर्चा का सदस्य है।
इनमें बड़े माओवादियों में एक करोड़ का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा, 25 लाख का इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो, 15-15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य रवींद्र गंझू शामिल है।
मेहनत उर्फ मोछृू व मदन महतो उर्फ शंकर महतो, 10 लाख का इनामी जोनल कमेटी सदस्य मृत्युंजय भुईया तथा पांच लाख का इनामी सब जोनल कमांडर रवि सरदार को भी अरेस्ट किया गया।
झारखंड के ये माओवाद प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह हो चुके हैं माओवादियों से मुक्त
माओवादियों का गढ़ माने जाने वाला छत्तीसगढ़-गढ़वा-लातेहार के सीमावर्ती बूढ़ा पहाड़ का क्षेत्र।
कोल्हान का सारंडा, टोंटो, गोईलककेरा, पोड़ाहाट क्षेत्र।
चतरा व पलामू का कोलेश्वरी क्षेत्र।
गिरिडीह का पारसनाथ क्षेत्र।
बोकारो का लुगु पहाड़ एवं झुमरा पहाड़ क्षेत्र।
गुमला का चैनपुर व बिशुनपुर आदि पहाड़ी क्षेत्र।
लातेहार का सरयू, गारू, महुआडांड़ आदि का जंगली क्षेत्र।
लोहरदगा का पश्चिमी पहाड़ी क्षेत्र।
खूंटी का पश्चिमी/, दक्षिणी वन क्षेत्र।
सरायकेला के कुचाई का जंगली क्षेत्र।
50 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले 50 माओवादियों में 46 भाकपा माओवादी व एक पीएलएफआइ व तीन जेजेएमपी के माओवादी रहे शामिल। इनमें मुख्य रूप से 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ बासुदेव, 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा, पांच लाख रुपये का इनामी जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा व माओवादी सागेन अंगरिया तथा गुलशन शामिल हैं।
कुल 43 नक्सलियों ने 28 हथियार एवं 4549 गोलियों के साथ पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण किया था। इनके अलावा झारखंड पुलिस के अभियान अभियान के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में भी आठ माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था।
इनमें मुख्य रूप से जोनल कमेटी सदस्य अश्विन उर्फ लच्छू कोरसाम, सब जोनल कमांडर सोहन पूनेम उर्फ रंगा, राहत मांडवी शामिल थीं। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी 02 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था।
इनमें जोनल कमेटी सदस्य मधाई पात्रा व पुष्पा महतो शामिल थीं। तेलंगाना में भी दो माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था, इनमें स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य विश्वनाथ उर्फ संतोष व रीजनल कमेटी सदस्य पूनम उर्फ जोभा शामिल थीं।
मुठभेड़ में मार गिराए गए 22 माओवादी
इस वर्ष 15 अगस्त तक राज्य में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में 22 माओवादी मार गिराए गए। इन माओवादियों में मुख्य रूप से एक करोड़ रुपये के इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख रुपये का इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अनमोल उर्फ सुशांत, 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य अमित मुंडा व सहदेव महतो उर्फ अनुज, दस लाख रुपये का इनामी जोनल कमांडर रंजीत गंझू व इजराइजल पूर्ति।
माओवादियों के पास से बरामदगी
माओवादी विरोधी अभियान के दौरान इस वर्ष 15 अगस्त तक कुल 111 हथियारों की बरामदगी हुई है। इनमें पुलिस से लूटे गए 81 रेगुलर हथियार दो व देसी हथियार 28 शामिल हैं।
माओवादियों के पास से 9904 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ, लेवी के छह लाख रुपये भी बरामद हुए। सुरक्षा बलों ने माओवादियों के बिछाए गए आइईडी को भी बरामद कर नष्ट किया।
छह माह में साइबर अपराध मामले में 658 कांड दर्ज, 468 अपराधी गिरफ्तार
झारखंड में साइबर अपराध के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हुई है। इसके तहत इस वर्ष छह महीने में साइबर अपराध के मामले में 658 कांड दर्ज किए गए हैं, जिसमें 468 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं।
साइबर अपराध के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस लगातार स्पेशल ड्राइव चला रही है। इसके फलस्वरूप काफी संख्या में साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है
साइबर अपराधियों की निशानदेही पर कुल 17 लाख 78 हजार 750 रुपये नकदी की बरामदगी हुई है। वहीं, 679 सिम कार्ड, 651 मोबाइल फोन, 74 एटीएम कार्ड, 21 दोपहिया वाहन, पांच चारपहिया वाहन, 08 लैपटाप, 57 बैंक पासबुक, 19 बैंक चेकबुक एवं 02 स्वाइप मशीन की बरामदगी हुई है।
प्रतिबिंब एप के माध्यम से जनवरी से जुलाई तक यानी सात महीने में 121 कांड दर्ज किए गए हैं। इसके तहत 336 गिरफ्तारियां हुईं हैं। कुल 545 मोबाइल व 655 सिमकार्ड की बरामदगी हुई है। साइबर अपराध के विरुद्ध डायल 1930 पर कुल 77503 शिकायतें मिलीं।
इसके माध्यम से बैंक खातों में 150 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए। 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए हैं। इस डायल 1930 के माध्यम से 22165 मोबाइल नंबर ब्लाक किए गए, जबकि 10054 आइएमईआइ नंबर ब्लाक किए गए हैं।
साइबर अपराध को देखते हुए झारखंड के रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, दुमका, चाईबासा, सरायकेला-खरसांवा में 08 नये साइबर अपराध थानों का सृजन किया गया है।
संगठित गिरोह के 193 अपराधी गिरफ्तार किए गए, 50 पर गुंडा एक्ट
- इस वर्ष सात महीने में संगठित आपराधिक गिरोह के 193 अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के पास से कुल 63 हथियार व 274 कारतूस की बरामदगी हुई है। पुलिस ने इस संगठित आपराधिक गिरोह के 50 अपराधियों के विरुद्ध क्राइम कंट्रोल एक्ट या गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
- सात महीने में गुंडा एक्ट के तहत 46 अपराधी निरुद्ध किए गए हैं। 46 अपराधी जिला बदर किए गए हैं और नौ अपराधियों के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
- इनमें चतरा जिला से राहुल दूबे, प्रिंस खान व राहुल सिंह, रामगढ़ जिला से राहुल दूबे, धनबाद जिला से जियाउर हक उर्फ गोपी खान, अरशद उर्फ रितिक व शेख उसतार, पूर्वी सिंहभूम जिला से नीरज सिंह व तजेन्दर पाल सिंह शामिल हैं।
मादक पदार्थ के विरुद्ध छह माह में 435 कांड दर्ज, 710 गिरफ्तारियां
झारखंड पुलिस ने मादक पदार्थ के विरुद्ध इस वर्ष छह महीने में 435 कांड दर्ज की और इसके तहत कुल 710 को गिरफ्तार किया। मादक पदार्थ से जुड़े अपराधियों के पास से 3461 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानिक कीमत 17.30 करोड़ रुपये आंकी गई है कि जब्ती की गई है।
इसके अलावा करीब 7.5 करोड़ रुपये कीमत के 151 किलोग्राम अफीम, 36 लाख रुपये मूल्य के 3.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर व 15.30 करोड़ रुपये मूल्य के 10218 किलोग्राम डोडा की बरामदगी हुई है।
उक्त सभी का कुल अनुमानित मूल्य करीब 41 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में लगभग 4620 एकड़ भूमि में लगे अफीम की फसल को भी पुलिस ने नष्ट किया है।
पोक्सो एक्ट में 542 गिरफ्तारियां, मानव तस्करी में 50 अपराधी गिरफ्तार
झारखंड पुलिस ने इस वर्ष प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्रोम सेक्सुअल अफेंसेज (पोक्सो) व दुष्कर्म से जुड़े मामले में विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के फलस्वरूप इस वर्ष जून तक यानी छह महीने में राज्य भर में कुल 653 कांड दर्ज हुए हैं।
इन कांडों में कुल 298 मामले निष्पादित हुए हैं। इनमें कुल 542 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इसी तरह मानव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई कर पुलिस ने इससे जुड़े 50 अपराधियों से भी अधिक की गिरफ्तारी की है।
इसमें मानव तस्करी के शिकार 140 से भी अधिक पीड़ितों की बरामदगी की है। इस वर्ष छह महीने में एससी-एसटी एक्ट से जुड़े 458 कांड दर्ज हुए, वहीं इस अवधि में 720 कांड निष्पादित भी किए जा चुके हैं।
पुलिस कल्याण से जुड़े 1007 लाभन्वितों में बंटे 3.69 करोड़ रुपये
झारखंड पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखंड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से 1007 लाभान्वितों को करीब 3.69 करोड़ रुपये, झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9443 लाभान्वितों को 11.46 करोड़ रुपये व झारखंड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों के 737 आश्रितों को सहायता के लिए लगभग 3.93 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पुलिसकर्मियों के 237 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई है। इसके अलावा वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिस पदाधिकारियेां, कर्मियों को पारी से बाहर प्रोन्नति दी गई है। 970 पुलिस पदाधिकारियों को एसीपी, एमएसीपी की स्वीकृति दी गई है।
जैप के 201 हवलदारों को अवर निरीक्षक (स) की कोटि में प्रोन्नति दी गई है। आयुधिक संवर्ग (आर्मर) के 10 आयुधिक अवर निरीक्षक को आयुधिक निरीक्षक एवं 24 हवलदार को आयुधिक अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति दी गई है।
वितंतु संवर्ग (वायरलेस) के 11 पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस निरीक्षक एवं 03 सहायक पुलिस अवर निरीक्षक को पुलिस अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है।
12 जिलों में बन रहा संयुक्त पुलिस स्टेशन, पांच जिलों में एसडीपीओ कार्यालय
पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में भी राज्य में बेहतर कार्य हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 12 जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, जमशेदपुर, दुमका, चतरा, देवघर, गढ़वा, गिरिडीह, पलामू व गुमला में संयुक्त पुलिस थाना का निर्माण हो रहा है।
इन थानों में महिला थाना, साइबर थाना, एससी, एसटी थाना, एएचटीयू थाना एक ही परिसर में होगा। वर्ष 2025-26 में राज्य के पांच जिलों धनबाद, जमशेदपुर, दुमका, देवघर व हजारीबाग में सीआइ व एसडीपीओ कार्यालय सह आवास का निर्माण किया जा रहा है।
इसी वर्ष 13 मार्च को मुख्यमंत्री ने आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया। झारखंड पुलिस को 636 चार पहिया वाहन एवं 849 दो पहिया वाहन प्रदान किया।
इसके फलस्वरूप राज्य में कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया एवं जनसुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुआ है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 627 चार पहिया वाहन एवं 848 दो पहिया वाहन के खरीदारी के लिए आदेश निर्गत किया गया है, जो जल्द से जल्द पुलिस विभाग को प्राप्त हो जाएगी।

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