भोपाल
राजस्व के पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित रखने के साथ आमजन की पहुंच आसान बनाने की दिशा में भोपाल संभाग बड़ी पहल करने जा रहा है।
राजधानी सहित रायसेन, विदिशा, सीहोर व राजगढ़ जिले के राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इससे भोपाल को प्रदेश का पहला डिजिटल संभाग बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है ।
इसके लिए संभाग के करीब 25 से 30 लाख राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसकी तैयारी और कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
ई-ऑफिस से खत्म होगी फाइलों की दौड़
कार्यालयीन कामकाज में पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने के लिए शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने पर जोर दिया जाएगा। सभी शाखा प्रभारी कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए पेंडेंसी खत्म करने के लिए माइक्रो प्लानिंग और नियमित मॉनीटरिंग सिस्टम विकसित करेंगे।
विकास कार्यों और विभिन्न पोर्टलों की ऑनलाइन समीक्षा के लिए रिजल्ट ओरिएंटेड सिस्टम तैयार किया जाएगा।
शिकायतों पर भी होगी सीधी निगरानी
आमजन की शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए अलग रिव्यू सिस्टम बनाया जाए, ताकि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और जिम्मेदारी तय की जा सके।
संभागायुक्त ने जिलों के बीच बेहतर समन्वय, स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।
डिजिटल रिकॉर्ड से फायदे
-25-30 लाख राजस्व अभिलेख होंगे डिजिटल।
-रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और खोजने में आसानी।
-कागजी फाइलों पर निर्भरता होगी कम।
-ई-ऑफिस से कामकाज में आएगी तेजी।
-पेंडेंसी और शिकायतों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होगी।

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