September 1, 2026

चंबल संभाग के 3 जिलों में मनाया जायेगा बलराम कृषि महोत्सव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लगातार बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाकर किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है। चंबल संभाग के श्योपुर में 2 सितंबर को मुरैना में 4 सितंबर को और भिंड में 5 सितंबर को बलराम कृषि महोत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को श्योपुर जिले में आयोजित बलराम महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों कोलाभान्वित करने के लिये किसान कल्याण वर्ष में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। किसानों के हित में लक्ष्य निर्धारित कर सतत प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हैक्टेयर की सिंचाई क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उद्यानिकी उत्पादन में 490 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया है। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सरकार ने प्रतिदिन 50 लाख लीटर दुग्ध संकल्न का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में 5,562 दुग्ध समितियों के माध्यम से 83 हजार सदस्यों को वित्तीय लाभ मिलेगा।

किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये पीएम किसान सम्मान और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में पात्र हितग्राही किसानों को 12 हजार रूपये सालाना दिया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई के लिये 5 रूपये में बिजली का स्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही 10 हॉर्स पॉवर तक के बिजली पंप कनेक्शन में सब्सिडी दी जा रही है। राज्य सरकार ने पीएम कुसुम योजना में 32 लाख किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य निर्धारित कर सोलर पंप उपलब्ध करा रही है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के लिये 60 प्रतिशत तक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। सरकार कृषि आधारित उद्योगों में 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में सराकर ने किसान कल्याण वर्ष में कृषि भूमि अर्जन की स्थिति में किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत की दर पर फसल ऋण का भुगतान साल भर में करने की सुविधा प्रदान की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में प्रदेश के समग्र विकास के लिये प्रतिबद्धता पूर्वक सभी वर्गों के कल्याण के लिये विभिन्न योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। किसान एवं संबद्ध राज्य सरकार ने 6 हजार करोड़ रूपये के मत्स्य निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 12 हजार 400 करोड़ रूपये से अधिक का संभावित निवेश आयेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दृढ़ संकल्पित होकर समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये निरंतर कार्य कर रही है।