पटना
पटना में गंगा नदी विकराल रूप धारण कर चुकी है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि औरहा गांधी घाट पर जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को पार करने के बाद अब पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहेगा। इसका प्रभाव अगले 1 से 3 दिनों तक हाथीदह एवं उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है तथा यह हाथीदाह में पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार जिले के गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
गांधी घाट पर बढ़े हुए जलस्तर की लहर के डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ने को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। साथ ही, नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थलों एवं निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
बिहार में 11 जिलों के 66 प्रखंडों की 330 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि इससे 19.57 लाख आबादी प्रभावित हुई है। बाढ पीड़ितों के बीच राहत-बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। 110 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। 326 बाढ़ शरणार्थी शिविरों में भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
छपरा में मही नदी का बांध टूटा
छपरा में दरियापुर के सेमरहिया-मोहन कोठियां के पास रविवार की सुबह मही नदी का बांध टूट गया। बांध टूटने की वजह से छह से अधिक पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गए। बांध की मरम्मत का प्रयास किया जा रहा है। बांध टूटने के बाद स्थिति को देखते हुए अब सीओ कैंप कर रहे हैं। सारण डीएम भी दरियापुर के लिए रवाना हो चुके हैं। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार की देर रात दिघवारा में भी मही नदी का बांध टूटा था। इधर, एनएच-19 पर भी बाढ़ के पानी का तेज बहाव हो रहा है।
मुंगेर: महाने नदी पर बना डायवर्सन चार दिन में दूसरी बार बहा
मुंगेर जिले में टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा के समीप महाने नदी पर पुल निर्माण के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन चार दिनों के अंदर दूसरी बार तेज धारा में बह गया। इससे प्रखंड की आधी से अधिक आबादी का थाना, अस्पताल और बंबर बाजार से एक बार फिर सीधा संपर्क टूट गया है। जानकारी हो कि लगातार बारिश से महाने नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गुरुवार सुबह डायवर्सन बह गया था। विभाग के निर्देश पर संवेदक द्वारा मिट्टी डालकर उसे पैदल और दोपहिया वाहनों के चलने लायक बनाया गया था, लेकिन शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी में आई बाढ़ में एक बार फिर डायवर्सन बह गया है।
इससे प्रखंड की आधी से अधिक आबादी का थाना, अस्पताल, बंबर बाजार से सीधा संपर्क भंग हो गया। संपर्क भंग होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों और स्कूली बच्चों को हो रही है। लोगों को लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है।

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