रांची
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा (संख्या-10 /2023) के माध्यम से विभिन्न विभागों में नियुक्त 99 अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के दाैरान अदालत ने पक्ष सुनने के बाद प्रार्थियों को हटाये जाने से संबंधित राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा दिया. इसी तरह के समान मामले में पूर्व में अदालत द्वारा सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाई जा चुकी है. साथ ही अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया.
नियुक्त अभ्यर्थी कर रहे हैं नौकरी, 15 सितंबर को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता सह वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने पैरवी की. उन्होंने अदालत को बताया कि जेएसएससी द्वारा आयोजित सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा से अनुशंसित अभ्यर्थियों की नियुक्त हो चुकी है. वे नाैकरी कर रहे हैं.
विज्ञापन रद्द करने की अधिसूचना को 150 अधिकारियों ने दी चुनौती
अब राज्य सरकार द्वारा परीक्षा का विज्ञापन रद्द कर दिया गया है, जो अवैध है. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी आकाश गौरव सहित 150 अधिकारियों ने याचिका दायर की है. प्रार्थियों ने 18 अगस्त को जेएसएससी सीजीएल-2023 का विज्ञापन रद्द करने की राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनाैती दी है. साथ ही उसे निरस्त करने की मांग की है.

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