September 9, 2026

संसद रत्न अवार्ड लेने दिल्ली पहुंचे चन्नी, कांग्रेस की गुटबाजी पर वेणुगोपाल से करेंगे चर्चा!

चंडीगढ़.

पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। चन्नी को आज संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाना है। वह कृषि संबंधी संसदीय समिति के चेयरमैन भी हैं।

दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से उनकी मुलाकात होने की संभावना है। माना जा रहा है कि मुलाकात होती है तो पंजाब कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों पर चर्चा हो सकती है। चन्नी की वेणुगोपाल से संभावित मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब पंजाब कांग्रेस में संगठन को लेकर अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आ रही है। एक जुलाई को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से चुनाव समितियों के गठन के बाद चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की ओर से असहमति जताई गई थी। इसके बाद से चन्नी की हाईकमान के साथ सक्रिय स्तर पर मुलाकात नहीं हो सकी है। चन्नी समेत कई नेताओं ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था, लेकिन संसद सत्र के दौरान भी उनकी राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो पाई।

अगले सप्ताह पायलट आ सकते हैं पंजाब
इधर, कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट अगले सप्ताह पंजाब दौरे पर आएंगे। उनके दौरे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेदों को दूर कर सभी नेताओं को एक मंच पर लाने की होगी। सूत्रों के मुताबिक पायलट पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेंगे। वह नेताओं के साथ संगठन की स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा कर सकते हैं।

संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश
माना जा रहा है कि सभी प्रमुख नेताओं को एक साथ बैठाकर संगठन में समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी की जाएगी। मंगलवार को चंडीगढ़ में हुए पंजाब कांग्रेस के रोष प्रदर्शन में भी पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की सक्रियता दिखाई दी थी। ऐसे में पायलट का पहला पंजाब दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चन्नी और उनके समर्थक नेताओं ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत किया है। अब हाईकमान की कोशिश यह है कि नए प्रभारी की अगुवाई में सभी नेताओं को साथ लेकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां आगे बढ़ाई जाएं।