चंडीगढ़.
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बॉर्डर रेंज के पुलिस अधिकारियों पर गैंगस्टरों से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि डेरा बाबा नानक और बटाला से स्थानांतरित किए गए डीएसपी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की गहन जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे पता चल सकेगा कि उनके किन लोगों से संपर्क रहे हैं। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में रंधावा ने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ ये आरोप लगा रहे हैं। यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो पंजाब के डीजीपी उनके खिलाफ भी मामला दर्ज करवा सकते हैं।
ये राजनीतिक बयानबाजी नहीं
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि पंजाब की कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। आरोप सही पाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। रंधावा ने डीजीपी गौरव यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के परिवारों को सुरक्षा दे रही है, जबकि धमकियां और फिरौती की कॉल झेल रहे लोगों को सुरक्षा नहीं मिल रही।
पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत
उन्होंने कहा कि पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत है। गुरदासपुर नगर कौंसिल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों ने फोन के जरिये मतदाताओं को धमकाया, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका। संगरूर के गुलजार सिंह मामले में रंधावा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने मृत्यु से पहले सरपंच और चीमा का नाम लिया था। इसलिए दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए और चीमा को मंत्री पद से हटाया जाए।

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