हांसी
जिले के खेतों में लहलहा रही धान की फसल अब मंडियों की ओर बढ़ने वाली है। इस बार एक लाख 79 हजार 300 एकड़ में धान की बिजाई हुई है। रकबा बढ़ने के कारण हांसी की मुख्य अनाज मंडी और सिसाय सब यार्ड में पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक आवक होने की संभावना है।
खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी। खरीद की जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन को सौंपी गई है। तीनों एजेंसियां निर्धारित दिनों में धान खरीदेंगी।
हांसी मंडी में मुख्य रूप से 1509, पीआर और 1121 किस्म का धान पहुंचता है। इनमें पीआर धान को सरकारी एजेंसियां खरीदेंगी, जबकि बासमती श्रेणी की 1509 और 1121 किस्म की खरीद व्यापारी करेंगे। बढ़े हुए रकबे को देखते हुए मंडी प्रशासन के सामने खरीद, तुलाई और समय पर उठान की बड़ी चुनौती रहेगी। किसानों को गेट पास के लिए मंडी के बाहर कतार में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए ई-खरीद एप की सुविधा दी गई है। सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसान का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य रहेगा।
पंजीकरण नंबर डालकर घर बैठे बनेगा ई-गेट पास
किसान को मोबाइल में ई-खरीद एप डाउनलोड कर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा का पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद एप पर किसान और उसकी पंजीकृत फसल का पूरा रिकार्ड दिखाई देगा। किसान विभागीय शेड्यूल के अनुसार मंडी में फसल लाने का दिन चुनकर ई-गेट पास तैयार कर सकेगा। मंडी पहुंचने पर क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद प्रवेश मिलेगा। एप का इस्तेमाल नहीं करने वाले पंजीकृत किसान मंडी में मोबाइल नंबर बताकर भी गेट पास बनवा सकेंगे। इस व्यवस्था से मंडी के प्रवेश द्वार पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।
हांसी और सिसाय में तीन एजेंसियां संभालेंगी खरीद
सरकारी खरीद के लिए हांसी में मुख्य यार्ड और सिसाय में सब यार्ड बनाया गया है। सिसाय केंद्र पर केवल धान खरीदा जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खरीद की जिम्मेदारी दी गई है।
मंडी प्रशासन खरीद एजेंसी और दिन की जानकारी किसानों तक पहुंचाएगा। ढेरी की खरीद से पहले पंजीकरण, गेट पास और गुणवत्ता की जांच होगी। संबंधित विभागों को मंडियों में सफाई, बिजली, पेयजल, तुलाई और उठान की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
धान में 17, बाजरे में 13 प्रतिशत नमी स्वीकार
किसानों से धान और बाजरे की फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडी लाने की अपील की गई है। धान में अधिकतम 17 प्रतिशत और बाजरे में 13 प्रतिशत तक नमी स्वीकार की जाएगी। निर्धारित सीमा से अधिक नमी मिलने पर सरकारी खरीद नहीं होगी और किसान को फसल सुखाकर दोबारा लानी पड़ेगी।
मंडी में गुणवत्ता की जांच के बाद ही ढेरी खरीद के लिए स्वीकृत होगी। किसानों के लिए अटल कैंटीन में 15 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध रहेगी। मंडी प्रशासन ने स्वच्छ पेयजल और सुलभ शौचालय की व्यवस्था करने का भी दावा किया है।

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