रायपुर
कभी किराए के सीमित भवन में संचालित होने वाला आंगनबाड़ी केंद्र अब बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के लिए सुविधायुक्त केंद्र बन गया है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पंडरीपानी (खास) में नवीन आंगनबाड़ी भवन बनने से 36 बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में सीखने और पोषण संबंधी गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। नया भवन माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए भी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम स्तर पर बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में तैयार इस भवन में शिक्षण कक्ष, रसोई, भंडारण कक्ष, शौचालय और खुला परिसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे आंगनबाड़ी की विभिन्न गतिविधियों को नियमित और व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहूलियत हुई है।
किराए के सीमित भवन से मिली मुक्ति, बच्चों को मिला अपना आंगनबाड़ी केंद्र
पंडरीपानी (खास) में आंगनबाड़ी केंद्र वर्षों से किराए के भवन में संचालित हो रहा था। पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों की पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के संचालन में परेशानी होती थी। बच्चों के लिए बेहतर वातावरण की आवश्यकता को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवीन आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत किया गया।
नया भवन बनने के बाद केंद्र की गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हुआ है। बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलने के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य गतिविधियों को भी बेहतर ढंग से संचालित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार भवन बनने के बाद बच्चों की उपस्थिति अधिक नियमित हुई है और समुदाय की भागीदारी में भी वृद्धि हुई है।
36 बच्चों के साथ माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी मिल रही सुविधा
नवीन आंगनबाड़ी भवन का लाभ केंद्र से जुड़े 36 बच्चों के साथ 2 शिशुवती माताओं और 10 किशोरी बालिकाओं को भी मिल रहा है। यहां टीकाकरण, माताओं की बैठक और पोषण सप्ताह जैसी गतिविधियों के आयोजन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हुआ है।
इस तरह नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित न रहकर पोषण, स्वास्थ्य और सामुदायिक गतिविधियों के संचालन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। माताओं और किशोरी बालिकाओं को भी आवश्यक सेवाओं और गतिविधियों से जुड़ने के लिए बेहतर स्थान मिला है।
अभिसरण से 11.69 लाख रुपये में बना भवन, 459 मानव दिवस का सृजन
नवीन आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए कुल 11.69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीडीएस) से 3.69 लाख रुपये और वीबी जी राम जी से 8 लाख रुपये का अभिसरण किया गया। निर्माण कार्य के दौरान 459 मानव दिवस का सृजन भी हुआ। इस प्रकार बच्चों के लिए स्थायी परिसंपत्ति तैयार होने के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार का अवसर भी मिला।
ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करने के बाद ग्राम पंचायत पंडरीपानी के माध्यम से कार्य का क्रियान्वयन किया गया। निर्माण के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित पर्यवेक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण के साथ समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई।
“अब सभी गतिविधियां सुचारू रूप से हो रही हैं”
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुलेखा बताती हैं कि नया भवन मिलने के बाद केंद्र में संचालित होने वाली गतिविधियां अब सुचारू रूप से हो रही हैं। माताओं, किशोरी बालिकाओं और छोटे बच्चों को आवश्यक सुविधाएं एक ही छत के नीचे सुरक्षित वातावरण में उपलब्ध हो रही हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंडरीपानी (खास) का यह नवीन आंगनबाड़ी भवन बताता है कि विभागीय अभिसरण से तैयार बुनियादी अधोसंरचना किस तरह बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ माताओं और किशोरी बालिकाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।

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