September 30, 2026

दिल्ली एयरपोर्ट पर ₹1 करोड़ के 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन जब्त, 3 यात्री हिरासत में

नई दिल्ली
 दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर तीन भारतीय पैसेंजर को 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन के साथ पकड़ा गया है। छानबीन के बाद इन्हें प्रोफेशनल ग्रेड ड्रोन बताया जा रहा है, जो थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर से लैस है। मंगलवार को अधिकारियों ने हांगकांग से वियतनाम के रास्ते भारत लाए गए इन अनमैन्ड एरियल व्हीकल की जानकारी दी है।

दिल्ली कस्टम्स (एयरपोर्ट एंड जेनरल) ने एक्स पोस्ट के माध्यम से 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन की इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस बरामदगी की जानकारी दी है।

जब्त किए गए ड्रोन की कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक

  • जब्त किए गए 10 ड्रोन की कीमत 1,03,55,900 रुपये बताया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये ड्रोन 25 सितंबर को वियतनाम के रास्ते हांगकांग से टर्मिनल-3 पहुंचा था।
  • कस्टम अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर ग्रीन चैनल पार करने के दौरान संदिग्ध पैसेंजरों को रोक लिया। हालांकि, इस मामले की जानकारी मंगलवार को सार्वजनिक की गई।
  • जब सामान की विस्तृत जांच की गई तो उसमें से बरामद हुए 10 मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन के साथ उससे जुड़े उपकरण भी लाए गए हैं, जिनमें कंट्रोलर, गिम्बल के साथ कैमरे, केबल, प्रोपेलर और जॉयस्टिक्स शामिल हैं।

क्यों कहा जा रहा है मिलिट्री-ग्रेड ड्रोन

  • एक चार्टर्ड इंजीनियर के मूल्यांकन से इस बात की पुष्टि हुई है कि ये ड्रोन प्रोफेशनल-ग्रेड के हैं, जिसमें थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर की सुविधा उपलब्ध है।
  • आधिकारिक बयान के अनुसार इन ड्रोनों को मिलिट्री या डिफेंस-ग्रेड का यूएवी माना गया है, जिनके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के पास रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
  • कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया है और लाए गए सामानों की आगे की जांच जारी है।

मिलिट्री-ग्रेड लोन लाने का मकसद साफ नहीं
हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विदेश से इस रह के ड्रोन तस्करी करके लाने का मकसद क्या है। यह भी साफ नहीं है कि इस ड्रोन को कहीं और सप्लाई किया जाना था या धरे गए पैसेंजर इसे अपने इस्तेमाल के लिए लेकर आ रहे थे।