लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लाल-हरे रंग वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री (राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने लाल टोपी को उत्तर प्रदेश में गुंडई का प्रतीक बताया। मंत्री ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को लाल टोपी में देखकर लोगों के मन में भय पैदा होता है। वहीं, भगवा रंग को उन्होंने समृद्धि का प्रतीक बताया और कहा कि अब अखिलेश यादव भी लाल रंग छोड़कर अपने रथ को भगवा कर रहे हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के प्रति कथित नाराजगी और चौधरी चरण सिंह की लगातार तारीफ पर दयाशंकर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के साथ हालिया बयानबाजी के बाद समाजवादी पार्टी को जाट समाज की नाराजगी का एहसास हुआ है। मंत्री के मुताबिक, चौधरी चरण सिंह का नाम लेकर इस नाराजगी को लगातार शांत करने की भरपूर कोशिश की जा रही है, लेकिन जाट समाज कथित अपमान को आसानी से भूलेगा नहीं।
अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों के लगातार अपमान और समाजवाद को पढ़ने की सलाह दिए जाने पर भी मंत्री दयाशंकर सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि समाजवाद का पाठ पहले अखिलेश यादव को पढ़ना चाहिए, क्योंकि समाजवादी पार्टी जिस विचारधारा के साथ बनी थी, उससे वह भटक गई है। दयाशंकर सिंह ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के खिलाफ समाजवादी पार्टी बनाई थी। लोकतांत्रिक संघर्ष के दौरान डंडे खाए, लाठियां खाईं और जेल गए।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिस पार्टी को मुलायम सिंह यादव ने अपने संघर्ष और त्याग से खड़ा किया, आज उनके बेटे अखिलेश यादव सत्ता पाने की लालसा में उसकी मान-मर्यादा और मूल विचारधारा को कांग्रेस की गोद में बैठाकर खत्म कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुलायम सिंह यादव ने जिस विचारधारा और संघर्ष की जमीन पर सपा खड़ी की थी, आज उसी पार्टी को कांग्रेस के साथ क्यों ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अखिलेश यादव कांग्रेस की गोद में बिठा रहे हैं।

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