चंडीगढ़
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं।
इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है।
राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है।
अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं।
ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं।
31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है।
इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

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