पटना
विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआइ) पटना के विद्यार्थी चार सप्ताह तक पंजाब के विभिन्न गांवों में रहकर विकास प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से अवगत होंगे।
पंजाब के किसान और विभिन्न सहकारिता समितियों से जुड़कर बेहतर कार्य कर रहे विशेषज्ञ विद्यार्थियों को वहां के ग्रामीण और कस्बाई समाज अर्थव्यवस्था, सहकारिता व्यवस्था आदि क्षेत्रों में हो रहे नवाचार को समझाएंगे।
पीजीडीएम बैच 13 ( सत्र 2026-28) के विद्यार्थियों की पांच टीमें पांच अक्टूबर को पंजाब के लिए रवाना होगी और चार सप्ताह बाद लौटेंगी। टीम में 8 से 9 विद्यार्थी शामिल होंगे।
पंजाब के लोगों से सीखेंगे गुर
डीएमआइ के निदेशक प्रो. देबीप्रसाद मिश्रा ने बताया कि पंजाब के लोगों की आय में कृषि व डेयरी उत्पाद के साथ को-ऑपरेटिव सोसाइटी के माध्यम से एक-दूसरे को सहयोग करने की प्रवृति अहम है।
बिहार के गांवों में जीविका तथा अन्य कई सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्नति हो रही है। टीम के सभी विद्यार्थी बिहार के गांवों का भ्रमण कर यहां की वस्तुस्थिति से अवगत हो चुके हैं। अब पंजाब में रहकर वहां की खूबियों और नवाचार को जाएंगे।
पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट के दो वर्ष की पढ़ाई में एक-तिहाई समय फील्ड में सीखते हैं। बिहार के गांवों की खासियत से पंजाब के ग्रामीण और वहां की खूबियों से यहां के लोग भी अवगत होंगे।
4 हफ्ते तक गांव के आसपास रहेगी टीम
डीएमआइ के सहायक प्राध्यापक सह समन्वयक डॉ. इलियास कंचन शेख ने बताया कि चार सप्ताह तक विद्यार्थी पंजाब के विभिन्न गांव में रहेंगे। टीम 24 घंटे गांव और उसके आसपास ही रहेंगे।
ग्रामीणों की दिनचर्या ही विद्यार्थी की होगी। विद्यार्थी वहां के विकास प्रबंधन की खासियत और चुनौती को समझेंगे। खासियत को दूसरे स्थान पर कैसे पहुंचाया जा सकता और चुनौतियों का क्या निदान हो सकता है, इसपर भी काम करेंगे।
विद्यार्थियों को वहां के सामाजिक कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी तथा विकास कार्य से जुड़े उद्यमी से भी मिलने का अवसर मिलेगा।

More Stories
झारखंड का रहस्यमयी नवरत्नगढ़ किला, 33 इंच मोटी दीवारों से लेकर रानी लुकई की भुलभुलैया तक है खास
नवरात्र-दिवाली में ‘भारत टैक्सी’ आसान करेगी यूपी का सफर
कोटा को एक दिन में ₹214 करोड़ की सौगात, 236 किमी सड़क और 150 विकास कार्यों को मिली मंजूरी