जयपुर
मुख्य सचिव वी. निवास ने सरकारी व्यय की गुणवत्ता सुधारने और बजट राशि के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को गति देने पर जोर दिया। मंगलवार को शासन सचिवालय में वित्त व्यय विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने नीति आयोग की राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक संबंधी रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यय को तर्कसंगत बनाने के प्रयास और मजबूत किए जाएं। उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता वाले कार्यों में किया जाए, ताकि योजनाओं का बेहतर लाभ आमजन तक पहुंचे।
मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं के प्रस्ताव वित्त विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी संबंधित विभागों के शासन सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। प्रस्ताव शीघ्र भिजवाए जाएं और प्रगति से अवगत कराया जाए।
उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की लंबित केंद्रीय सहायता और आगामी किस्तों की स्वीकृति के लिए संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रमुख शासन सचिवों को केंद्रीय मंत्रालयों से प्रभावी समन्वय करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन, विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए धनराशि प्राप्त करने के प्रयास तेज करने को कहा। इन योजनाओं से संबंधित राज्य स्तरीय समितियों की बैठकें भी समय पर आयोजित करने के निर्देश दिए।
निवास ने आर्थिक विकास को गति देने वाली प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रमुख परियोजनाओं को चिह्नित कर राज उन्नति पर सूचीबद्ध करने तथा उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, विद्युत अनुदान और कर्मचारी हितलाभों से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने पेंशन भुगतान से जुड़ी समस्याओं और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लंबित भुगतान के मामलों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को वित्त विभाग के साथ समन्वय और स्पष्ट संवाद रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रमुख शासन सचिव, वित्त वैभव गालरिया ने बताया कि योजनाओं के बजट के उपयोग में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर, 2026 तक राज्य निधि और केंद्रीय सहायता सहित योजनाओं के कुल बजट का 41.16 प्रतिशत उपयोग किया गया है। शासन सचिव, वित्त (व्यय) डॉ. टीना सोनी एवं विशिष्ट शासन सचिव, वित्त (बजट) मती शिवांगी स्वर्णकार ने बजट घोषणाओं पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और वित्तीय स्वीकृतियों की स्थिति प्रस्तुत की। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रीय सहायता की स्वीकृति तथा आगामी किस्तें प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी भी दी गयी। प्रस्तुतीकरण में राज्य की आय, योजनाओं एवं सेवाओं पर व्यय, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय और वेतन-पेंशन सहित प्रमुख व्यय मदों का विवरण रखा गया। बैठक में संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-1) डॉ. भारती दीक्षित सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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