October 8, 2026

चंडीगढ़ के धनास में दो बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी, अस्पताल और नए पुलिस स्टेशन के लिए जमीन की तलाश शुरू

चंडीगढ़ 
चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…

    पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।
    पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
    चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
    आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा।

वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।

  अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान
धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया।

अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।
 
वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी
साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। बराड़ ने वेंडर्स से रोजाना काम के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि वेंडिंग जोन में उन्हें काम करने के दौरान किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही है और उपलब्ध सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।

वेंडर्स ने मौके पर अपनी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी ने अधिकारियों के साथ वेंडिंग जोन को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और वेंडर्स को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली गई। धनास में एक ही दौरे के दौरान पुलिस थाना, अस्पताल और वेंडिंग जोन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा से प्रशासन का फोकस इलाके की बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर आया। फिलहाल पुलिस थाना और 80 बेड के अस्पताल के लिए जमीन तय करना अगला अहम चरण है। जमीन चिह्नित होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं का प्लान तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।