October 20, 2026

अमेरिका का ईरान के नेवी बेस पर हमला, अरब सागर तक पहुंची जंग की आंच

तेहरान 

 ईरान जंग की आग ठंडी पड़ने के बजाय और सुलगती ही जा रही है. अमेरिका ने अब ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम कोनार्क नेवी बेस पर हमला किया है. इस हमले में ईरान नेवी के दो जवान के घायल होने की भी सूचना है. कोनार्क चाबहार की खाड़ी में स्थित है. यह होर्मुज स्‍ट्रेट के एग्जिट प्‍वाइंट पर स्थित है, ऐसे में इसका महत्‍व काफी बढ़ जाता है. तेहरान की ओर से इस हमले की पुष्टि की गई है. दूसरी तरफ, ईरान ने उत्‍तरी अरब सागर में अमेरिका के एक डेस्‍ट्रॉयर वॉरशिप को टार्गेट किया है। 

यूएस नेवी के अर्ले बर्क क्‍लास के वॉरशिप को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई है. इस तरह ईरान जंग की आग अरब सागर तक पहुंच गई है. हाल में ही ऐसी रिपोर्ट्स सामने आइ थीं कि अरब सागर में पाकिस्‍तान के अधिकार वाले हिस्‍से में अमेरिकी युद्धपोत मौजूद हैं. अब बताया जा रहा है कि ईरान की अर्थव्‍यवस्‍था को ऑक्‍सीजन देने वाले खर्ग द्वीप पर हमला करने की तैयारी की जा रही है. मौजूदा समय में ईरान के कुल तेल निर्यात का 90 फीसद इसी आईलैंड से होता है। 

ईरान की नौसेना ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार तड़के देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित कोनार्क नौसैनिक अड्डे पर हमला किया, जिसमें दो ईरानी सैनिक घायल हो गए. ईरानी नेवी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने हमले के दौरान दो हल्के प्रोजेक्‍टाइल दागे, जिनका निशाना अड्डे पर तैनात 35 मिलीमीटर की एक तोप थी. हालांकि, हमले के उद्देश्य और इस हथियार को निशाना बनाए जाने के कारणों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है। 

कोनार्क नेवी बेस ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित है. यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर है, जो क्षेत्र में समुद्री परिवहन और तेल सप्‍लाई के लिहाज से अहम है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि जिस तोप को निशाना बनाया गया, उसकी अमेरिकी सेना के साथ किसी हालिया टकराव में कोई भूमिका थी या नहीं. यदि ईरान का दावा सही है, तो यह हमला सीमित दायरे में किया गया लगता है. फिलहाल अमेरिकी पक्ष की ओर से इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

अरब सागर तक पहुंची जंग की आंच
ईरान ने उत्तरी अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के अर्ले बर्क क्‍लास के एक डेस्‍ट्रॉयर शिव को एडवांस एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाने की कथित तौर पर कोशिश की. रिपोर्टों के मुताबिक, यह युद्धपोत ईरानी जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा था, तभी उसे निशाना बनाने का प्रयास किया गया. इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना के एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों ने यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश विमानवाहक पोत से उड़ान भरी और दक्षिण-पूर्वी ईरान के कोनार्क स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना के ठिकानों पर हमले किए. इस बीच, ईरान के इस्फहान और कुम प्रांतों से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की भी खबर है. हालांकि, इन घटनाओं और हमलों से हुए नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। 

ईरान के खर्ग द्वीप पर हमले पर विचार कर रहा अमेरिका: रिपोर्ट

अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप पर हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित समाचार संस्थान ‘एरेम न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉर डिपार्टमेंट और सीआईए के अधिकारियों के साथ इस संभावना पर चर्चा की है. खर्ग द्वीप ईरान के करीब 90 प्रतिशत तेल निर्यात का केंद्र है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उससे रियायतें हासिल करने का दबाव बनाना है. यह रणनीति अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले अपनाए जाने पर विचार किया जा रहा है. हमले के विकल्पों में तेल भंडारण टैंकों, पाइपलाइनों, लोडिंग सुविधाओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सटीक हमले शामिल हैं. ईरान के अन्य इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की संभावना है।