नई दिल्ली
ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने वाले एक विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है और कल इसे लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है। इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को एक कानूनी ढांचे के अंतर्गत लाना और डिजिटल ऐप्स के जरिए जुआ खेलने पर दंड का प्रावधान करना है।
प्रस्तावित कानून में धोखाधड़ी और राज्य के कानूनों में विसंगतियों पर चिंता जताई गई है और इसमें दंड और सजा के प्रावधान हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय या MeitY को ऑनलाइन गेमिंग के लिए केंद्रीय नियामक नियुक्त किया जा सकता है।
इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन सट्टेबाजी पर भी रोक लगाना है। नई दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता के तहत अनधिकृत सट्टेबाजी पर पहले से ही जुर्माना और सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

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