देवघर
लद्दाख के सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के जवान नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर बीते बुधवार को उनके गृह राज्य झारखंड लाया गया। अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर अग्निवीर नीरज चौधरी को श्रद्धांजलि दी। चौधरी और दो अन्य सैनिकों के शव मंगलवार को मिले थे। लद्दाख में 12 हजार फुट की ऊंचाई पर सियाचिन बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद ये लोग वहां फंस गए थे। गंगवार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने सियाचिन में झारखंड के एक जवान को खो दिया। मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।'' सोरेन ने कहा, ‘‘अग्निवीर नीरज चौधरी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी और हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनके परिजन को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिले।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग एक वर्ष पहले निर्णय लिया था कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के निकटतम परिजनों को नौकरी दी जाएगी। नीरज के चाचा संतोष चौधरी ने कहा कि जवान का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को देवघर स्थित उनके पैतृक गांव कजरा में किया जाएगा। संतोष चौधरी ने कहा, ‘‘नीरज 2022 में सियाचिन में तैनात हुआ था और वह बचपन से ही देश की सेवा करना चाहता था।''

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