संगरूर
पंजाब सरकार के अधीन वड़िंग टोल प्लाजा को लेकर बेहद सख्त हो चुके प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए जिला जेल में बंद 66 प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त रिहा कर दिया। हालांकि, प्रशासन ने वड़िंग टोल प्लाजा को फिर से पक्के तौर पर बंद कर दिया है, क्योंकि टोल कंपनी अभी भी नहरों पर पुल बनाने को लेकर आनाकानी कर रही है। प्रशासन हर बार पुल निर्माण का आश्वासन देकर विरोध प्रदर्शन हटा देता था। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने धरना देकर टोल बंद करवाया तो प्रशासन ने दो दिन में संगठन के 66 नेताओं को केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।
इस पर मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचा तो प्रशासन ने यू-टर्न लेते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ बैठक के बाद सभी प्रदर्शनकारियों को जेल से रिहा कर दिया। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पुल बनने तक टोल बंद रहेगा, लेकिन दूसरी ओर प्रशासन अभी भी असमंजस में है। गौरतलब है कि मुक्तसर-कोटकपूरा मार्ग पर राजस्थान फीडर और सरहिंद नहर नहरें गुजरती हैं। आठ साल पहले जब टोल शुरू हुआ था, तब पंजाब सरकार ने टोल कंपनी को नहरों पर पुल बनाने का आदेश भी दिया था। कंपनी ने काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन बाद में टोल तो चलता रहा, लेकिन पुल नहीं बनाए गए।

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