अहमदाबाद
गुजरात के खेड़ा जिले में मस्जिद, मदरसा और दरगाह के समीप सार्वजनिक स्थान पर लोक नृत्य गरबा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने संबंधी नोटिस लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. नवरात्रि उत्सव शुरू होने के एक हफ्ते से भी कम समय पहले यह घटनाक्रम सामने आया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यहां बताया कि मातर कस्बे में एक मस्जिद, मदरसा और दरगाह के नजदीक स्थित स्थान पर गरबा खेलने पर कथित रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस ने मुस्लिम समाज के दो स्थानीय नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
यह मातर कस्बे के नानी भागोल क्षेत्र में हुसैनी चौक की दीवार पर मुस्लिम पंच द्वारा बोर्ड लगाया गया था. बोर्ड पर लिखा था कि सार्वजनिक सूचना – नानी भागोल में हुसैनी चौक में मस्जिद, दरगाह और मदरसे के पास गरबा खेलने पर सख्त प्रतिबंध है: मुस्लिम पंच, नानी भागोल.
हिंदुओं की भावनाओं को पहुंची ठेस
पुलिस उपाधीक्षक वीआर वाजपेयी ने कहा कि बोर्ड के बारे में पता चलने पर बजरंग दल के स्थानीय नेताओं ने शिकायत दर्ज कराई और कहा कि नोटिस की सामग्री से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. बजरंग दल के नेता धवल जाला की शिकायत के आधार पर हमने बोर्ड लगाने वाले मुस्लिम पंच के दो पदाधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.
मुस्लिम पंच के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर एफआईआर
उन्होंने बताया कि मुस्लिम पंच के अध्यक्ष अय्यूब खान पठान और उपाध्यक्ष इसुबमिया खोखर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है) के तहत मामला दर्ज किया गया है. वाजपेयी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्थानीय निवासियों ने खुद ही बोर्ड हटा दिया. गरबा गुजरात का लोक नृत्य है, जो नवरात्रि उत्सव से जुड़ा है और इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होगी.

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