नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है। पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा PMO के नाम पर किसी से कॉल करवाता था।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला। वह बीते 2 महीनों के दौरान यूपी के करीब 13 अलग-अलग होटलों में रुक चुका है। वह 2 महीने से वृंदावन, मथुरा, आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था।
पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आई पैड भी बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके अनुसार, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है। दूसरे विजिटिंग कार्ड के अनुसार, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया है।
हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा
डीसीपी (साउथ-वेस्ट) अमित गोयल ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया, ''हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसार्थी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। हमें कल रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली। उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी रहेगी। हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था। वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था।
चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।

More Stories
गुजरात में प्रशासनिक महाभूकंप: 72 IAS अधिकारियों के तबादले, कई जिलों को मिले नए कलेक्टर
CBSE 12वीं रिजल्ट घोषित: 85.20% छात्र पास, Digilocker और UMANG ऐप पर तुरंत देखें मार्कशीट
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी अस्पताल में भर्ती, मेदांता में चल रहा इलाज