पटना
बिहार की सियासत में हमेशा चर्चा में रहने वाले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आरजेडी से निष्कासन के बाद अब उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं।
कितनी है सपत्ति
हलफनामे के मुताबिक, तेज प्रताप यादव 12वीं पास हैं, जबकि उनके छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सिर्फ 9वीं तक पढ़े हैं। तेज प्रताप के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। दिलचस्प यह है कि 2020 में उनकी कुल संपत्ति 2.82 करोड़ थी, यानी बीते पांच सालों में चल संपत्ति घटी लेकिन अचल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है।
8 केस भी दर्ज
तेज प्रताप यादव पर इस वक्त 8 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें धारा 324, 302, 120B, 341, दहेज उत्पीड़न, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर प्रावधानों के केस शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से किसी में भी अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि तलाक का मामला अभी पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है।
नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप
मई 2025 में आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और अब उसी के बैनर तले चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत दादी की तस्वीर साथ रखकर भावनात्मक अपील की। तेज प्रताप की राजनीति हमेशा विवादों से घिरी रही है, कभी बयानबाजी, कभी निजी रिश्ते, तो कभी पार्टी नेतृत्व से टकराव। बावजूद इसके वे बिहार की सियासत में एक चर्चित और प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दो चरणों में मतदान होगा, पहला 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप की नई पार्टी और उनकी नई पारी महुआ सीट पर क्या रंग दिखाती है।

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