मॉस्को
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बुधवार को परमाणु हथियार परीक्षण दोबाना शुरू करने को कह दिया है. उन्होंने न्यूक्लियर टेस्ट के लिए प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है. ये आदेश पुतिन का ऐलान-ए-जंग माना जा रहा है क्योंकि कुछ घंटों पहले ही अमेरिका ने अपनी न्यूक्लियर मिसाइल दागी है. पिछले हफ्ते ट्रंप ने ये दावा करते हुए अमेरिका में न्यूक्लियर टेस्ट शुरू करवाया था कि रूस, चीन और पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करवा रहे हैं. इसके बाद पुतिन ने भी जवाबी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. उन्होंने ट्रंप को न्यूक्लियर टेस्ट बैन समझौता भी याद दिलाया है.
Putin क्यों हुए आग बबूला?
पुतिन ने कहा कि रूस ने हमेशा व्यापक परमाणु परीक्षण बैन समझौते (CTBT) के तहत अपने दायित्वों का सख्ती से पालन किया है, लेकिन अगर संयुक्त राज्य अमेरिका या कोई अन्य परमाणु शक्ति देश ऐसे हथियार का परीक्षण करता है, तो रूस भी ऐसा जरूर करेगा.
पुतिन ने कहा, ‘मैं विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय… विशेष सेवाओं और संबंधित नागरिक एजेंसियों को निर्देश दे रहा हूं कि वे इस मुद्दे पर अतिरिक्त जानकारी जुटाने, सुरक्षा परिषद में इसका विश्लेषण करने, और परमाणु हथियार परीक्षणों की तैयारी के लिए काम शुरू करें और सहमत प्रस्ताव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें’.
Russia कहां करेगा न्यूक्लियर हथियारों का परीक्षण?
रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने पुतिन को बताया कि अमेरिका की हालिया टिप्पणियों और एक्शन्स को देखते हुए ‘बड़े पैमाने पर परमाणु परीक्षणों की तैयारी तुरंत करना सही कदम होगा’. बेलौसोव ने कहा कि रूस के आर्कटिक परीक्षण स्थल नोवाया जेमल्या (Novaya Zemlya) में जल्द ही परमाणु हथियारों के परीक्षण का काम शुरू किया जाएगा.
America ने ऐसा क्या किया?
बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भी 50 साल पुरानी न्यूक्लियर मिसाइल Minuteman 3 का परीक्षण किया है. इस मिसाइल की रेंज 14000 किमी बताई जा रही है, यानी ये रूस और चीन जैसे देशों तक आसानी से पहुंच सकती है. अमेरिका ने ये भी कह दिया है कि मिनटमैन 3 को रिप्लेस करने वाले वर्जन को तैयार किया जा रहा है, जो 2030 तक पूरा होगा और तब तक ऐसे परीक्षण चलते रहेंगे.

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