मुंबई,
बॉलीवुड एक्ट्रेस इमरान हाशमी और यामी गौतम की नई फिल्म हक सिनेमा घरों में रिलीज़ हो चुकी हैं। इस मौके पर डायरेक्टर सुपन वर्मा और एक्ट्रेस यामी ने फिल्म इंडस्ट्री में 8 घंटे की वर्क शिफ्ट को लेकर चल रही बातचीत पर चर्चा की। मातृत्व के महत्व पर ज़ोर देते हुए यामी ने कहा कि एक बार माँ बनने के बाद हमेशा माँ ही रहती है, उन्होंने एक्टर्स और फिल्ममेकर्स के बीच आपसी समझ की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
हाल ही में यामी गौतम ने शेयर किया, सबसे पहले तो, एक बार माँ बनने के बाद हमेशा माँ ही रहती है। चाहे आप नौकरी करते हों या घर पर रहने वाले माता-पिता हों, हर माँ अनोखी होती है और अपने बच्चे के लिए सब कुछ करती है। एक माँ के लिए उसके बच्चे से ज़्यादा महत्वपूर्ण कोई नहीं होता। मेरे प्रोफेशन की बात करें तो, मैं अपनी स्क्रिप्ट कैसे चुनती हूँ, यह मेरी पर्सनल लाइफ से बिल्कुल अलग है। उन्होंने आगे बताया, हालांकि हम दूसरे प्रोफेशन की तरह एक टाइम लिमिट चाहते हैं, लेकिन हमारी इंडस्ट्री अलग तरह से काम करती है। इसमें लोकेशन, परमिशन और दूसरे एक्टर्स और टेक्नीशियन की भागीदारी जैसे कई फैक्टर होते हैं। इसलिए, टाइम लिमिट का विचार काफी सब्जेक्टिव है और यह एक एक्टर, एक प्रोड्यूसर और एक डायरेक्टर के बीच सहयोग और समझ पर निर्भर करता है।
डायरेक्टर सुपन वर्मा ने यामी की टिप्पणियों पर कहा, यह एक लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा है। कुछ एक्टर्स दिन में सिर्फ आठ घंटे, हफ्ते में पांच दिन काम करते हैं, और नाइट शूट से बचते हैं। यह व्यवस्था डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर द्वारा पहले से ही तय की जाती है। तो फिर जब कोई फीमेल एक्टर यह चिंता उठाती है तो यह समस्या क्यों बन जाती है? आखिरकार, हम सभी इंसान हैं जो मुश्किल हालात में कला का निर्माण कर रहे हैं और भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं। इसलिए, अगर यह प्रोडक्शन की ज़रूरतों के हिसाब से है तो मुझे टाइम की कमी पर चर्चा करने में कोई दिक्कत नहीं दिखती।

More Stories
‘Rise and Fall 2’ में मनीष कश्यप का फूटा गुस्सा, माइक फेंककर दरवाजे पर मारी लात
रजनीकांत की ‘जेलर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 5 दिन में 477 करोड़ के पार पहुंची कमाई
टाइगर श्रॉफ की एक झलक पाने पहुंचे फैन को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती; घर पर गर्भवती पत्नी कर रही इंतजार